जिस शख्स के घर में घुसकर लुटेरों ने करोड़ों के आभूषण और लाखों रुपये पर हाथ साफ किया था, वही सट्टेबाज निकला। पुलिस ने उसे क्रिकेट मैच पर सट्टा खिलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान पीरमुछल्ला स्थित विक्टोरिया हाईट्स के फ्लैट नंबर-101/डी के मालिक राकेश वर्मा के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ पुलिस ने गैंबलिंग और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज करते हुए डेराबस्सी की अदालत में पेश किया।
यहां से अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत के लिए पटियाला जेल में भेज दिया गया है। जांच अधिकारी सहायक इंस्पेक्टर नायब सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना थी मिली कि कोई व्यक्ति क्रिकेट मैच पर सट्टा खिलाने के लिए लोगों को अपने झांसे में फंसाकर उन्हें लूट रहा है। इस पर पुलिस की एक टीम ने विक्टोरिया हाईट्स सोसाइटी के उक्त में जाकर दबिश दी, जिसमें फ्लैट मालिक राकेश वर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
दूसरी ओर, राकेश को हिरासत में लेने के बाद जब फ्लैट की तलाशी ली तो पुलिस को फ्लैट से करीब 20 मोबाइल फोन और करीब साढ़े 3 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई है। दूसरी ओर, आरोपी राकेश को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूलते हुए अपने आप को पुलिस अधिकारियों के हवाले कर दिया।
इंटरनेट कॉलिंग और बैंकिंग से करता था धंधा
जांच अधिकारी सहायक इंस्पेक्टर नायब सिंह ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं, जिसमें उसने बताया कि वह यह अवैध कारोबार लंबे समय से करता आ रहा है और अपने धंधे को इतनी होशियारी से चलाता था कि आज तक पुलिस को उसके धंधे के बारे में पता नहीं चला।
दरअसल आरोपी धंधे के लिए इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल करता था और जब कोई मैच होता तो अलग-अलग सिमकार्ड से कॉल करके लोगों को अपने जाल में फंसाता था। वहीं, बाद में लोगों के साथ रकम का आदान-प्रदान इंटरनेट बैंकिंग गूगल-पे, पेटीएम, फोनपे इत्यादि एप्लीकेशंस का इस्तेमाल करके करता था। ये आरोपी लोगों को बुधवार को न्यूजीलैंड में खेले गए टी-20 क्रिकेट मैच के दौरान हार-जीत पर सट्टा खिलाने की वारदात को अंजाम दे रहा था।
आरोपी के घर पिछले साल हुई थी डकैती
गौरतलब है कि उक्त आरोपी के ही घर पर पिछले साल 2 मई, 2019 में चार कार सवार लुटेरों ने उसके फ्लैट में घुसकर परिवार को बंधक बनाया और लाखों रुपये के कीमती जेवरात और नकदी लूटकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। उस दौरान ये सामने आया था कि राकेश वर्मा पेशे से आभूषणों का व्यापारी है और उसकी पत्नी जीनू वर्मा की कनपटी पर पिस्टल रखकर और बच्चों को चाकू दिखाकर आरोपी डकैती की वारदात को अंजाम देकर चले गए थे। दूसरी ओर, जिला पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार करके इस केस को सॉल्व कर दिया था।