फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएफआई को लेकर बड़ा खुलासा, चार खातों में हुई थी तीन करोड़ की फंडिंग, जल्द खुलेगा पूरा राज

Fri, 31 Jan 2020 03:51 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
मेरठ उपद्रव का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में हिंसा कराने के लिए केरल के चरमपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) द्वारा मेरठ के 12 बैंक खातों में फंडिंग की पुष्टि होने पर खलबली मच गई है। बृहस्पतिवार को 12 में से चार खातों में तीन करोड़ रुपये की फंडिंग की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार पीएफआई ने जहां मनी ट्रांसफर के लिए फर्जी संगठन बनाए थे। वहीं, सरकारी संगठन रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया के नाम का भी दुरुपयोग किया था। 

विज्ञापन


सीएए की आड़ में 20 दिसंबर 2019 को पीएफआई द्वारा हिंसा कराने की गहरी साजिश बेनकाब हो चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खुलासे के बाद पुलिस गंभीरता से जांच करने में जुटी। हिंसा में मेरठ में छह लोग मारे गए थे। हिंसा में दर्ज 18 मुकदमों की निगरानी आईजी रेंज प्रवीण कुमार को सौंपी गई। पुलिस जांच में 12 लोगों के बैंक खातों में पीएफआई द्वारा फंडिंग करने की जानकारी मिली। जिसके बाद पुलिस ने पीएफआई का रिकॉर्ड खंगाला। पुलिस के मुताबिक पीएफआई ने सीधे किसी के खाते में पैसा नहीं डाला। उसने सरकारी संगठन रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया सहित कई संगठनों के नाम से ऑनलाइन आईडी बनाई। जिसके बाद हिंसा कराने के लिए फंडिंग की गई। इसको लेकर अलग-अलग चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

शुरुआती जांच में 12 में से चार खातों में तीन करोड़ की फंडिंग की जानकारी पुलिस को लगी तो उनका रिकॉर्ड खंगाला गया। जिन खातों में पीएफआई ने पैसा भेजा, उनके नाम पते भी मिल गए है। पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: खौफनाक था पीएफआई का प्लान, देशभर में कराना चाहता था दंगा, अब जांच में खुली पोल

विज्ञापन

पुलिस के मुताबिक पीएफआई ने उन लोगों के खातों में पैसा भेजा, जो सरकार के खिलाफ हैं और दंगा कराना चाहते हैं। फंडिंग से पहले पीएफआई ने मुस्लिम बहुल इलाकों में ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनकी भावनाएं भड़काईं। खासकर ऐसे लोगों को साथ लिया जो माहौल खराब कराने के लिए उनका सहयोग करने के लिये तैयार थे।

पैसा आया, खुलेगा सब राज 
पुलिस के मुताबिक पीएफआई ने उन्हीं लोगों के खातों में पैसा भेजा, जो उनके संगठन से पहले से जुड़ा हुआ है। वह कई बार संगठन की मीटिंग में शामिल भी हुआ। पुलिस ने पीएफआई से जुड़े चार लोगों को जेल भेजा था। पुलिस के अनुसार पैसा आया है, इसका राज भी जल्द खुलेगा। इसको लेकर बैंकों के जानकारी ली जा रही है। 

पांच दिन बाद मिलेगी रिपोर्ट
पीएफआई ने अलग-अलग संगठन बनाकर खातों में पैसा भेजा है। इसका पता लगाने के लिए लंबी प्रक्रिया है। शहर के कई बैंकों से जानकारी जुटाई जा रही है। पैसा कहां और किसके पास भेजा गया। बैंकों ने पांच दिन का समय मांगा है। रिपोर्ट मिलने के बाद इसका खुलासा किया जाएगा। - अजय साहनी, एसएसपी

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें