आरोप है कि उक्त लोगों ने उसे अपने साथ गाड़ी में बैठा लिया। उसे छोड़ने के बदले घरवालों से डेढ़ लाख रुपये लिए। इस बीच किसी मुखबिर ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी कि स्कॉर्पियो गाड़ी में कुछ लोग मुकेरियां से किसी को अगवा करके ले जा रहे हैं। तुरंत ही दसूहा पुलिस ने नाका लगा कर गाड़ी को रोका। इस दौरान जोगिंदर सिंह, दसबीर सिंह और श्रीपाल तो भाग निकले लेकिन मनोज और राजा को पुलिस ने दबोच लिया। उनके पास से वसूली गई डेढ़ लाख रुपये की नकदी मिली है।
गैंग बनाकर कर रहे थे लूट
पुलिस के अनुसार मनोज व राजा से प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि वह दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं जबकि बाकी तीन में से दो बर्खास्त हैं। एक हेड कांस्टेबल के तौर पर तैनात है। पांचों ने मिलकर एक गैंग बना रखा है। ये दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड में भगोड़ा घोषित आरोपियों के घर दबिश देकर कर उनकी गिरफ्तारी का दबाव बना कर परिवार से पैसा ऐंठते थे। पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपियों के खिलाफ धारा 384 और 208 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर लिया है।