इस बदनामी का बदला लेने के लिए 12 जनवरी को सुबह गुरप्रीत सिंह और अमनजोत सिंह लालू दोनों मिलकर गांव कोकरी कलां में फोटोग्राफर पलविंदर सिंह के घर पहुंचे। दोनों ने पलविंदर सिंह से गांव में बनी दरगाह पर उनकी फोटो खींचने के लिए कहा। पलविंदर सिंह बाइक पर दोनों के साथ घर से निकल गया। देर रात तक पलविंदर सिंह जब घर नहीं लौटा तो परिजनों ने थाना अजीतवाल पुलिस के पास उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाते हुए आरोपी गुरप्रीत सिंह और अमनजोत सिंह लालू पर पलविंदर सिंह का अपहरण करने का शक जताया।
इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इसी बीच रविवार 15 जनवरी के दिन पुलिस को गांव कोकरी कलां से जलालाबाद को जाने वाली सड़क पर पानी के गड्ढे से पलविंदर सिंह का शव बरामद हो गया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल मोगा में रखवा दिया और आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ प्रीत बाबा को गिरफ्तार कर लिया।
प्राथमिक पूछताछ में आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ प्रीत बाबा ने पुलिस के सामने पलविंदर की हत्या की कहानी उगल दी। पुलिस को अदालत से गुरप्रीत सिंह प्रीत बाबा का चार दिन का पुलिस रिमांड मिल गया, जबकि सोमवार को दोपहर पुलिस ने दूसरे आरोपी अमनजोत सिंह उर्फ लालू को भी गिरफ्तार कर लिया, जिसे पुलिस मंगलवार के दिन अदालत में पेश करेगी।
एसएचओ दलजीत सिंह गिल के अनुसार आरोपी गुरप्रीत सिंह से हत्या में इस्तेमाल की गई तलवार बरामद कर ली है। जबकि दोनों से पलविंदर सिंह का कैमरा और बाइक बरामद करना अभी बाकी है। आरोपियों के खिलाफ पलविंदर सिंह की मां किरनपाल कौर के बयान पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। एसएचओ दलजीत सिंह गिल के अनुसार फोटोग्राफर पलविंदर सिंह का पिता सुखजिंदर सिंह भी नशा तस्करी करता था और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत दो केस दर्ज हैं, जिनमें अदालत से उसे 10 दस साल की सजा हो चुकी है और इस समय वह फरीदकोट जेल में सजा काट रहा है।