हिसार के गांव गंगवा के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के सामने बने सीवरेज मैनहोल में उतरे तीन किसानों में से दो की मौत हो गई, जबकि तीसरे की हालत चिंताजनक बनी है। बताया जा रहा है मैनहोल में गैस के प्रभाव से किसानों की मौत हुई। मंगलवार रात सीवर लाइन में किए अवैध पाइप कनेक्शन को दुरुस्त करने के लिए किसान मैनहोल में उतरे थे।
इसी दौरान हादसे में मंगलवार रात को ही 40 वर्षीय सुनील उर्फ सतपाल गोदारा की मौत हो गई थी, जबकि 36 वर्षीय मदन का शव बुधवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे मैनहोल से करीब 15 फुट आगे पाइपलाइन में मिला। इसके बाद शवों को नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन दोपहर तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को बुलाया क्योंकि मदन के गले में साफा बंध होने के कारण गांठ बन गई थी। इसके बाद टीम की मौजूदगी में दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। आजाद नगर थाना पुलिस ने मृतकों के परिजनों के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की है। दोपहरबाद दोनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
मंगलवार रात करीब आठ बजे गंगवा गांव निवासी किसान सुनील उर्फ सतपाल गोदारा और मदन ट्रैक्टर लेकर गांव के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के सामने पहुंचे। इन किसानों ने स्कूल के सामने से गुजरने वाले मैनहोल से सीवरेज का पानी बाहर निकालने के लिए डाली गई पाइप लाइन में पंप सेट लगाकर खेतों में पानी लगाना शुरू कर दिया।
रात करीब 10:30 बजे पाइप में पानी आना बंद हो गया। इसके बाद घोलू नामक व्यक्ति बिना सेफ्टी किट के मैनहोल में उतरा, लेकिन वह बाहर नहीं आया। इसके बाद सतपाल और मदन अंदर उतरे। दोनों ने घोलू को बाहर निकाला, उस समय वह अर्द्ध बेहोशी की हालत में था। जहरीली गैस चढ़ने के कारण सतपाल और मदन दोबारा से मैनहोल के अंदर गिर गए। वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति ने यह देखा तो उसने शोर मचाना शुरू कर दिया।
इसी दौरान सतपाल का भाई संजीव और अन्य मौके पर पहुंचे। संजीव और घोलू दोनों अंदर गए। कुछ देर बाद वह सुनील उर्फ सतपाल को मैनहोल से बाहर लेकर आए और नागरिक अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दौरान मदन का कहीं सुराग नहीं लगा। मैनहोल के अंदर उतरने के कारण संजीव और घोलू की तबीयत भी बिगड़ गई थी। घोलू की हालत गंभीर बताई जा रही है।
रातभर मदन की तलाश में जुटे रहे ग्रामीण
जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मी व ठेकेदार के कर्मी ग्रामीणों की मदद से रात भी मैनहोल में मदन की तलाश करते रहे, लेकिन सुराग नहीं लगा। इसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने मैनहोल की खोदाई शुरू कराई। करीब एक फुट मोटे कंकरीट को काटने में कई घंटे लग गए।
सुबह करीब साढ़े आठ बजे मदन का शव मैनहोल से करीब 15 फुट अंदर पाइपलाइन से बरामद हुआ। आजाद नगर थाना पुलिस ने दोनों शवों के पोस्टमार्टम के लिए परिजनों के बयान दर्ज कर लिए। पोस्टमार्टम के लिए बनाए गए बोर्ड को कागजात दिखाए।
चिकित्सकों को मदन का शव देखने के बाद कुछ संदेह हुआ, क्योंकि उसके गले में साफा बंधा था। उन्होंने शवों को मेडिकल कॉलेज अग्रोहा रेफर करने की बात कहीं। सीएमओ और पीएमओ ने अग्रोहा से फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को नागरिक अस्पताल बुलाया। इसके बाद शवों का पोस्टमार्टम हुआ। थाना प्रभारी सदानंद का कहना है कि मृतकों के परिजनों के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की है।