कुछ समय घूमने और इकट्ठा होकर खाना खाया। शाम को तीनों ने त्रिशा को उसके पीजी छोड़ना था और खुद आगे गुरदासपुर के लिए जाना था। जब वह दक्षिणी बाईपास के रास्ते लाडोवाल की तरफ जा रहे थे तो गड़वासू पुली के पास एक चालक ने गाड़ी को अचानक टर्न कर दिया। जिससे उनकी गाड़ी उसे बचाने के चक्कर में बेकाबू हो गई।
गाड़ी पाहुल चला रहा था, जबकि प्रभजोत आगे बैठा था। राहुल पीछे त्रिशा के साथ बैठा हुआ था। जैसे ही पत्थर से होते हुए गाड़ी नहर में गई तो राहुल ने एक दम से अपनी खिड़की खोल दी और बाहर निकल गया, जबकि प्रभजोत, पाहुल और त्रिशा की तरफ वाली खिड़की खुली नहीं। जिस कारण तीनों पानी में डूब गए। गाड़ी गिरते ही वहां लोग इकट्ठे हो गए।
लोगों ने रस्सी के सहारे राहुल को बाहर खींच लिया। बाकी लोगों को बचाने की कोशिश की गई लेकिन खिड़की नहीं खुल पाई। जिसके बाद क्रेन बुलाई गई और गाड़ी को बाहर निकाला गया। तीनों गाड़ी में बेहोश पड़े थे। तीनों को तुरंत रघुनाथ अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। थाना सराभा नगर के एसएचओ इंस्पेक्टर परमदीप सिंह ने बताया कि तीनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए है। दूसरी गाड़ी चालक कौन है, उसका पता लगाया जा रहा है। आस-पास सीसीटीवी कैमरे चेक किए जा रहे हैं।