आशीष के भाई गौरव ने बताया कि वह चार भाई हैं और माता पिता की मौत हो चुकी है। वह जालंधर में रहता है, जबकि बाकी तीन भाई गांव में ही रहते हैं। गौरव के अनुसार आशीष पर पहले भी चोरी के मामले दर्ज हैं। वह पहले भी जेल जा चुका है। उसने कहा कि आशीष की पत्नी कुछ समय पहले किसी के साथ चली गई थी। उसका 11 साल का एक बेटा भी है।
गौरव ने आरोप लगाया कि आशीष पहले भी जेल जा चुका है, उस समय तो कुछ हुआ नहीं। अब पुलिस हिरासत में उसकी मौत हो गई तो पुलिस बता रही है कि उसने आत्महत्या की है।
सात मोबाइल फोन के साथ पुलिस ने किया गिरफ्तार
जानकारी के अनुसार आरोपी आशीष पर थाना सलेम टाबरी में मामला दर्ज था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से सात मोबाइल फोन बरामद किए थे। उसे अकेले को ही गिरफ्तार किया गया था। गौरव ने आरोप लगाया कि उन्हें यह बताया कि आशीष की मौत कोई दवा अधिक लेने या नशा लेने के कारण हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक हवालाती, जो पुलिस की हिरासत में था, उसके पास कोई दवा या नशा कहां से आ गया। जब किसी भी आरोपी को हवालात में बंद किया जाता है तो उसकी पूरी तरह तलाशी ली जाती है और जो भी सामान बरामद होता है, उसे पुलिस अपने पास रख लेती है। ऐसे में पुलिस का कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है।
क्या कहते हैं डीसीपी
डीसीपी सिमरतपाल सिंह ढींढसा ने बताया कि जैसे ही हवालात में युवक की मौत की खबर मिली तो पुलिस ने अपने स्तर पर भी जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी, मुंशी समेत थाने के संतरी तक से अधिकारियों ने पूछताछ की है। थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी जा रही है, ताकि पूरा सच सामने आ सके। मौत की जुडीशियल जांच करवाई जा रही है। इसके बाद ही साफ हो सकेगा कि गलती हुई कहां है। उसकी मौत के असली कारणों का पता कर जो भी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।