एलडीए ने अंबेडकर पार्क स्मारक समिति के लगभग 6500 संविदा कर्मियों के ईपीएफ के 48 करोड़ रुपये की रकम बैंक ऑफ बड़ौदा में जमा कराई गई थी। इससे छोटी-छोटी रकम की एफडी होनी थी। बैंक ऑफ बड़ौदा ने फर्जी तरीके से एक व्यक्ति को नामित करके नादान महल रोड स्थित बैंक की छोटी शाखा में इस रकम का निवेश कर दिया, जिसे बाद में साठगांठ से प्राइवेट बैंक में ट्र्रांसफर कर दिया गया था। एलडीए को इसकी भनक लगते ही 38 करोड़ रुपये बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में वापस मंगा लिए गए थे।
सहायक प्रबंधक (वित्त) देवेंद्र मणि उपाध्याय ने समय पर घोटाले की जानकारी उच्च अधिकारियों को नहीं दी थी। इसके कागजातों पर समिति के मुख्य प्रबंधक और सहायक प्रबंधक वित्त के संयुक्त हस्ताक्षर थे। मगर पत्रों एवं हस्ताक्षर का सत्यापन नहीं कराया गया था। इस रकम के 10 करोड़ रुपये आज तक रिकवर नहीं हो सके हैं। मामले में एलडीए उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने समिति के सहायक प्रबंधक (वित्त) देवेंद्र मणि उपाध्याय को निलंबित कर दिया था। देवेंद्र अभी निलंबित ही चल रहे हैं।