घटनास्थल पर मौजूद पुलिस व स्थानीय लोग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छह महीने से मिल रही थी धमकियां
जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग पर ढाबा चलाने वाले अजायब सिंह के परिवार को छह महीने से गैंगस्टर लखबीर सिंह की ओर से धमकियां मिल रही थीं। इस वजह से अजायब सिंह ने अपने एक बेटे जोबन को चार माह पहले कनाडा भेज दिया था। सूत्रों के अनुसार लखबीर गैंग को संदेह था कि अजायब सिंह के परिवार के पास जरूरत से ज्यादा पैसा है। इस कारण लगातार धमकियां दी जा रही थीं। मंगलवार सुबह 10 बजे गुरजंट सिंह अपने चार साल के बेटे को दुलारकर दुकान चला गया। दोपहर का खाना भी उसने वहीं खाया।
घटना से 10 मिनट पहले गुरजंट ने पत्नी को किया था फोन
घटना से 10 मिनट पहले गुरजंट ने पत्नी को फोन किया था कि वह जल्द लौट रहा है। पत्नी और मां उसका इंतजार कर रही थीं। तभी उन्हें हत्या की खबर मिली। लखबीर की धमकियों से डरकर अजायब सिंह गुरजंट को भी कनाडा भेजने की तैयारी कर रहे थे। लखबीर की धमकियों के बारे में पुलिस को भी शिकायत दी थी लेकिन गंभीरता से नहीं लिया गया।
पांच मिनट तक दुकान में रहे हत्यारे
एसपी (जांच) विशालजीत सिंह, डीएसपी (जांच) जसवंत सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक दोनों युवक 18 से 22 वर्ष की आयु के हैं। दोनों ने गुरजंट को कपड़ दिखाने के लिए कहा। जैसे ही गुरजंट कपड़े दिखाने लगा तो काले कपड़े पहने युवक ने गुरजंट की पीठ पर ताबड़तोड़ सात आठ गोलियां मार दीं। चिल्लाते हुए गुरजंट जमीन पर गिर गया। इसके बाद चेक शर्ट पहने दूसरा युवक आगे बढ़ा और गुरजंट को सात-आठ गोलियां मार दीं। एसपी ने बताया कि विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। जांच के बाद सामने आएगा कि हत्या की वजह क्या थी।