शिमला-कालका एनएच पर टिंबर ट्रेल के पास शनिवार सुबह गैंगवार में पंजाब के नेता जसविंदर सिंह उर्फ रॉकी की हत्या में कई सवाल उभरे हैं।
पहले भी हुआ है हमला
रिश्तेदारों का कहना है कि पहले भी रॉकी पर हमला हुआ था लेकिन वे बच निकले थे। रॉकी फाजिल्का से चंडीगढ़ शोक सभा में शामिल होने आए थे। इसके बाद शुक्रवार देर शाम वे सोलन में अपने दोस्त के पास आए थे। सुबह वापसी में वारदात हो गई।
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सुरक्षा कर्मियों की भूमिका पर सवाल
रॉकी के साथ आए उनके रिश्तेदारों को पता था कि उनकी जान को खतरा है तो उनके सुरक्षा कर्मियों को अलग गाड़ी में क्यों बिठाया गया?
इतना बड़ा हमला होने के बावजूद सुरक्षा कर्मियों ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?
हमलावर जब भागे तो उनका पीछा क्यों नहीं किया गया?
हमलावरों को कैसे पता कि रॉकी अपने साथियों के साथ सोलन में रुके हैं और ठीक कितने बजे वह टीटीआर के पास क्रॉस करेंगे।होंगे?
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हमलावरों को हर मूवमेंट की थी जानकारी
पुलिस को अंदेशा है कि रॉकी की पल-पल की मूवमेंट की जानकारी हमलावरों को मिल रही थी। हालांकि हिमाचल पुलिस तमाम सवालों के जवाब तलाशने में लगी हुई है। एसपी सोलन अंजुम आरा का कहना है कि पुलिस मामले में हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
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कोट
स्थानीय पुलिस अधीक्षक स्पॉट पर हैं। प्रारंभिक तफ्तीश के मुताबिक दोनों पार्टियां गैंगस्टरों की हैं। इनमें एक गैंगस्टर पार्टी के लोग सोलन से चंडीगढ़ की ओर जा रहे थे तो दूसरा दल घात लगाए बैठा था। जिस पार्टी के लोगों ने ये हमला किया है, उनकी पुलिस पहचान कर चुकी है।
- संजय कुमार, डीजीपी हिमाचल