बड़े वाहनों के चालान न काटने की एवज में ट्रांसपोर्टरों से मासिक रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस की टीम ने लुधियाना आरटीए (क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण) पीसीएस आफिसर नरिंदर सिंह धालीवाल को गिरफ्तार किया है। धालीवाल निजी कारिंदे के जरिये रिश्वत के पैसे लेता था। आरोप के मुताबिक दिसंबर में धालीवाल ने ट्रांसपोर्टरों से रिश्वत के करीब चार लाख रुपये वसूले थे। आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
विजिलेंस के प्रवक्ता ने बताया कि 18 नवंबर 2022 को गांव मानकवल के सतनाम सिंह धवन ने हेल्पलाइन पर शिकायत दी थी कि लुधियाना आरटीए नरिंदर सिंह धालीवाल ने निजी कारिंदे रखे हैं, जो महानगर के बड़े ट्रांसपोर्टरों से पैसे इकट्ठा करता है। इसके एवज में उनकी गाड़ियों के लुधियाना में चालान नहीं करने का वादा किया जाता है।
शिकायत के साथ आरटीए के साथ जुड़े पंजाब होमगार्ड के वालंटियर बहादुर सिंह की एक वीडियो क्लिप भी दी गई थी। इसके पास धालीवाल पैसे इकट्ठे करवाकर रखवाता था। विजिलेंस ब्यूरो की जांच में शिकायत सही निकली। कुछ दिन पहले आप विधायक गुरप्रीत गोगी ने आरटीए पर छापे डलवाए थे। इस दौरान पैसे लेकर नियमों को ताक में रखकर लाइसेंस बनाने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
रिश्वत के दो लाख तीस हजार रुपये बरामद
जांच में पाया गया कि आरटीए धालीवाल वाहनों के चालान न करने संबंधी अलग-अलग ट्रांसपोर्टरों से निजी व्यक्ति के जरिये महीनेवार रिश्वत की मोटी रकम वसूलता है। दिसंबर में आरटीए ने चार लाख रुपये रिश्वत के इकट्ठे किए और एक लाख 70 हजार रुपये खुद इस्तेमाल कर बाकी के दो लाख तीस हजार रुपये पैसे बहादुर सिंह को ठिकाने लगाने के लिए दे दिए। विजिलेंस ने बहादुर सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया तो उसने दो लाख तीस हजार रुपये की रकम पेश कर दी जो आरटीए नरिंदर सिंह धालीवाल ने उसे दी थी। इसके बाद विजिलेंस ने आरटीए नरिंदर सिंह धालीवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया।