मुख्यमंत्री ने 16 मार्च को जैसे ही नशा तस्करी संबंधी एसआईटी की रिपोर्ट पर कार्रवाई शुरू करते हुए एआईजी को बर्खास्त किया था उसके बाद से ही वह घर से दो बैग उठाकर चला गया था। इसके बाद एसटीएफ ने उसके मोहाली स्थित घर से लेकर होशियापुर, अमृतसर, तरनतारन, उत्तराखंड, हिमाचल समेत कई राज्यों में 302 जगह पर छापे मारे।
करोड़ों रुपये की ड्रग तस्करी और भ्रष्टाचार से जुड़े केस में करीब एक महीने से फरार चल रहे बर्खास्त एआईजी राजजीत सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मामले की जांच कर रही स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अब उसके खिलाफ मंगलवार को भ्रष्टाचार निरोधी एक्ट के तहत जबरन वसूली का केस दर्ज किया है। सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में खुली तीनों जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई है। वहीं, एसटीएफ ने उनको काबू करने के लिए जारी करवाए वारंट की समय अवधि 31 मई तक बढ़वा ली है। पहले यह अवधि 18 थी। बर्खास्त अधिकारी पर यह तीसरा केस है।
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बर्खास्त सिपाही अपनी बर्खास्तगी के बाद से ही मायावी बना हुआ
एसटीएफ द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में साफ लिखा गया है कि जेल में बंद बर्खास्त इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह के माध्यम से राजजीत यह सारा काम करता था। एसआईटी की रिपोर्ट में भी इसमें विस्तार से दोनों की भूमिका के बारे में बताया गया है कि कैसे वह अपना शिकार चुनते थे। इसके बाद लोगों को किस तरह परेशान कर जबरी वसूली करते थे। वहीं, अब यह बात साफ हो गई है कि इस मामले में राजजीत का बचना मुश्किल हो गया है। सूत्रों की माने तो हो सकता है कि राजजीत सिंह विदेश चला गया हो। इस बीच, बर्खास्त सिपाही अपनी बर्खास्तगी के बाद से ही मायावी बना हुआ है।
302 जगह की गई रेड, नहीं लगा सुराग
मुख्यमंत्री ने 16 मार्च को जैसे ही नशा तस्करी संबंधी एसआईटी की रिपोर्ट पर कार्रवाई शुरू करते हुए एआईजी को बर्खास्त किया था उसके बाद से ही वह घर से दो बैग उठाकर चला गया था। इसके बाद एसटीएफ ने उसके मोहाली स्थित घर से लेकर होशियापुर, अमृतसर, तरनतारन, उत्तराखंड, हिमाचल समेत कई राज्यों में 302 जगह पर छापे मारे। सोमवार को एसटीएफ ने खन्ना स्थित उसकी बहन व अन्य रिश्तेदारों के यहां छापे मारे थे, लेकिन वहां उसका कोई सुराग नहीं लगा। उसके मोहाली स्थित घर पर अब कोई नहीं है। आरोपी का फोन भी लगातार बंद आ रहा है।
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संपत्ति में एनआरआई लिंक की तलाश
एसटीएफ आरोपी के नशा तस्करी से आए पैसे से बनाई चल-अचल संपत्ति के बारे में भी पड़ताल कर रही है। अधिकारियों की माने तो 450 लोगों से उसकी संपत्ति के बारे में सवाल-जवाब किए गए हैं। एसटीएफ को संदेह है कि इसमें एनआरआई लोग भी शामिल हैं। एसआईटी रिपोर्ट में राजजीत के साथ 40 लाख के लेन-देन का उल्लेख है। पंजाब पुलिस इस एंगल पर भी काम कर रही है।