वारदात के बाद पंजाब छोड़ देते, हवाला के जरिये मिलते पैसे
एआईजी संदीप गोयल ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद पंजाब से निकल जाते थे। वह इसके बाद देश के अन्य राज्यों में रहते। इसके अलावा वह नेपाल में जाकर शरण लेते थे। उनके रहने के ठिकानों की व्यवस्था विदेशी हैंडलर सोनू खत्री करता था। वह शूटरों को नियमित रूप से हवाला के जरिये रुपये मुहैया करवाता था। इस वजह से उन्हें दिक्कत नहीं आ रही थी।
जालंधर से जीरकपुर तक कई वारदात में थे शामिल
एडीजीपी ने बताया कि सभी आरोपी करीब डेढ़ साल पहले मार्च 2022 में नवांशहर में हुए मक्खन हत्याकांड समेत कम से कम पांच हत्या के मामलों में शामिल थे। इसके अलावा हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, कार लूटने और जबरन वसूली समेत अन्य जघन्य अपराधों के पांच मामले शामिल हैं। ये जीरकपुर में मेट्रो प्लाजा में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी में भी शामिल थे।