कुछ देर बाद पुलिस भी यहां पहुंच गई और शव को सिविल अस्पताल लाया गया। उसको शक है कि बबली ने अपनी मां के तानों से परेशान होकर जान दी है। उसकी मां अक्सर बबली के साथ झगड़ा करती थी और कहती थी कि वह ससुराल की ही होकर रह गई है। घटना के बाद से ज्ञानेंद्र का रो रोकर बुरा हाल है।
छह बहनों के इकलौते भाई की संदिग्ध परिस्थितियों में डूबने से मौत
उधर, जिले के ही गांव शौंधापुर से तीन दिन पहले लापता हुए छह बहनों के इकलौते भाई का शव नहर में एनएफएल नाके के पास झाड़ियों में फंसा मिला है। किशोर नहर में कैसे गिरा, अब इसकी जांच चल रही है। किशोर के शरीर पर पूरे कपड़े है। इसलिए पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। बृहस्पतिवार को पुराना औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने मृतक किशोर के पिता के बयान दर्ज कर पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है
गांव शौंधापुर निवासी महेंद्र ने बताया कि वो एक फैक्टरी में श्रमिक है। वह छह बेटियों व एक बेटे मोहित (15) का पिता था। मोहित सबसे छोटा था। वो आठवीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़ चुका था। तीन जुलाई को मोहित घर के बाहर खेल रहा था। कुछ देर बाद वो कुछ बच्चों के साथ चला गया। इसके बाद वो लौटकर घर नहीं आया। उन्होंने अपने स्तर पर मोहित की काफी तलाश की लेकिन उसका भेद नहीं लगा। उन्होंने पुलिस में मोहित की गुमशुदगी की शिकायत दी थी। बृहस्पतिवार को पुलिस ने उन्हें कॉल कर मोहित के शव की सूचना दी।