साल 2005 में बलबीर सिंह ने हरप्रीत कौर नाम की महिला से दूसरी शादी की थी। हरप्रीत की भी यह दूसरी शादी थी। 2012 में हरप्रीत कौर 21 नंबर फाटक के नजदीक एक जिम में जाने लगी, जहां उसके गुरतेज सिंह उर्फ गुरी के साथ संबंध बन गए। पुलिस के मुताबिक गुरी भी शादीशुदा है।
पति बलबीर सिंह के बीमा की रकम और उसकी कोठी व प्लॉट के लालच में हरप्रीत कौर ने अपने प्रेमी गुरी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। गुरी ने भी पैसे का लालच देकर अपने दो दोस्तों अजय व अवसप्रीत सिंह को भी शामिल किया। एसएसपी ने बताया कि गुरी ने अपने साथियों के साथ दो -तीन बार बलबीर सिंह की रेकी भी की थी। रेकी के बाद 19 अक्तूबर की सुबह करीब साढ़े पांच बजे वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बीमा की रकम व प्रापर्टी के लालच और संबंधों में रोड़ा न बने, इसलिए वारदात को अंजाम दिया।
यह है मामला
सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर बलबीर सिंह रोजाना की तरह 19 अक्तूबर को पासी रोड पर सैर कर रहे थे। इसी बीच अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी गर्दन पर चाकू से वार कर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद आरोपी लाश के पास ही चाकू छोड़ गए थे। शुरू से ही शक की सुई मृतक की दूसरी पत्नी पर टिकी थी। एसएसपी ने बताया कि गुरी के खिलाफ साल 2018 में थाना सन्नौर में अपहरण का केस दर्ज किया गया था।