उन्होंने बताया कि इसके कब्जे से पहचान पत्र भी बरामद किए गए। पूछताछ दौरान यह पुलिस को संतोषजनक जवाब नहीं दे सका और न ही सेना में अधिकारी होने के सबूत दे सका। पूछताछ दौरान आरोपी ने यह भी बताया कि वह काफी समय से अलग-अलग रैंक की वर्दियां पहन कर आम जनता को प्रभावित करता है कि वह फौज में बड़ा अधिकारी है।
एडीसीपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने बताया कि काबू किए गए इस फर्जी अधिकारी ने खुलासा किया कि उसके कब्जे से बरामद सेना की वर्दियां उसने देहरादून से ली थी और वह वर्दी पहन कर रुड़की आर्मी कैंट, जम्मू आर्मी क्षेत्र और अमृतसर आर्मी कैंट में गया था। अदालत से पुलिस रिमांड लेकर उससे पूछताछ की जा रही है।
आर्मी क्षेत्र के दस्तावेज मिलने की संभावना
पुलिस मोबाइल फोन की भी जांच कर रही है, क्योंकि यह अमृतसर रुड़की और जम्मू के आर्मी क्षेत्र में घूम चुका है तो इसके पास आर्मी क्षेत्र से जुड़े दस्तावेज होने की भी संभावना है। हालांकि इसे लेकर अभी अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं। मगर डीसीपी डॉ. प्रज्ञा ने बताया कि हर एंगल से पूछताछ की जा रही है।