पुलिस कमिश्नर डॉ. कौस्तुभ शर्मा ने बताया कि दोनों आरोपी खुद को लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के लोग बताते थे और उनके नाम पर ही बड़े लोगों को फोन कर धमकी देते थे और रंगदारी मांगते थे। आरोपी लोगों को व्हाट्सएप पर वर्चुअल नंबर से गैंगस्टर के नाम पर फोन करते थे। जब एक मामला सामने आया तो उन्होंने जांच की तो पता चला कि दोनों आरोपी गैंगस्टरों के नाम पर फोन करते हैं और लोगों को धमकी देते है।
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो कई बड़े खुलासे हुए। पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने विभिन्न बैंकों में 25 खाते खुलवा रखे हैं। पांच खातों की जांच हो पाई है और उनमें से यह पता चला कि एक करोड़ से ऊपर का लेनदेन हुआ था। बाकी 20 खातों की जांच की जा रही है। पुलिस अब यह जांच करने में जुटी है कि दोनों के संबंध वास्तव में गैंगस्टरों के साथ हैं या फिर दोनों गैंगस्टरों के नाम का सहारा लेते थे।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह भी पता लगाने में जुटी है कि दोनों के तार कहीं पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से तो नहीं जुड़े। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी पूरे गैंगस्टरों की तरह लोगों से बात करते थे। अगर कोई उनकी कॉल को गंभीरता से नहीं लेता तो आरोपी हथियारों के फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें भेज देते थे। डराते थे कि परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस रैकेट का सरगना पुलिस गिरफ्त से बाहर है। दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।