फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपाहिज मां, तीन बहनों का सहारा था, सुसाइड नोट लिख फंदा लगाया

Sun, 20 Sep 2015 05:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
विज्ञापन
विज्ञापन
अपाहिज मां का बेटा और तीन बहनों के लिए इकलौता सहारा था वो फिजियोथेरेपिस्ट। उस इकलौते सहारे ने शुक्रवार को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
विज्ञापन


सर्कुलर रोड स्थित डबल फाटक के पास किराये पर रहने वाले फिजियोथेरेपिस्ट भवानी शंकर (30 वर्षीय) ने चुन्नी से फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस को मृतक के कमरे से सुसाइड नोट मिला है।

इसमें भवानी ने लिखा है कि वह जिंदगी से परेशान होकर आत्महत्या कर रहा है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है। मेरठ के सरधना निवासी भवानी शंकर सर्कुलर रोड स्थित किराये के मकान में अपनी अशक्त मां के साथ रहता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

'जिंदगी से परेशान होकर आत्महत्या कर रहा है'

भवानी शंकर शुक्रवार देर शाम तक वह कमरे से बाहर नहीं आया। करीब सात बजे उसकी मां ने भवानी को आवाज लगाई, लेकिन कमरे के अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

इस पर वह बेटे के कमरे में घुसी तो भवानी पंखे के हुक से बंधी चुन्नी से लटका मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। भवानी ने फंदे लगाने से पहले जहरीले पदार्थ का भी सेवन किया।

भवानी पिछले तीन साल से शहर में रहता था। उसके परिवार में अपाहित मां और तीन बहनें हैं। भवानी जगह-जगह जाकर थेरेपी देने का काम करता था। पुलिस ने बताया कि परिजनों के आने के बाद ही मृतक का पोस्टमार्टम और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें