अफसरों के आश्वासन के बाद किया अंतिम संस्कार
प्रदर्शन और जाम की सूचना पर पुलिस व प्रशासन के कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए और लोगों को समझाने का प्रयास करने लगे। प्रदर्शनकारी हत्या की आशंका जताते रहे और इंसाफ की मांग की। पुलिस की तरफ से आश्वासन दिया गया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। इसके बाद ही हल्लोमाजरा में बच्ची का अंतिम संस्कार किया गया। भाजपा नेता शशिशंकर तिवारी ने बताया कि मामले में बहुत लापरवाही बरती गई है। लोगों ने जब प्रदर्शन किया तो रेलवे पुलिस ने मामले में 302 का पर्चा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की। मामला काफी संदिग्ध है। इसकी निष्पक्ष जांच की जानी है।
करीब दो घंटे बंद रखा रास्ता, लगा भारी जाम
प्रदर्शनकारियों ने शाम चार से छह बजे तक करीब दो घंटे तक हल्लोमाजरा चौक को जाम रखा जिसकी वजह से ट्रिब्यून चौक से बलटाना लाइट प्वाइंट तक वाहनों की लाइन लग गई। इस वजह से डेढ़ किमी तक जाने के लिए भी लोगों को पौन घंटे तक का समय लगा। दिल्ली-अंबाला जाने वाला रास्ता होने के कारण शाम को वाहनों का दबाव ज्यादा रहता है। जाम में फंसे कुछ वाहन चालकों ने फुटपाथ पर वाहन चढ़ाकर जैसे-तैसे रास्ता बदला। प्रदर्शन खत्म होने के बाद भी जाम लगा रहा और रात तक लोग परेशान होते रहे। काफी मशक्कत के बाद जाम खुला।
शरीर पर चोट नहीं, सिर्फ पैर कटा हुआ मिला
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम पांच बजे बच्ची घर से लापता हो गई थी। परिवार ने आसपास ढूंढा। नहीं मिलने के बाद सेक्टर-31 पुलिस थाने में जानकारी दी। कुछ घंटे बाद रेलवे पुलिस को सूचना मिली कि ट्रैक के पास एक कटा हुआ पैर पड़ा है। इसके बाद अगली सुबह एक शव के मिलने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पुलिस ने पहुंचकर देखा कि बच्ची का पैर कटा हुआ था लेकिन उसे शरीर पर अन्य किसी तरह के चोट के निशान नहीं थे। बच्ची के कपड़े भी साफ थे लेकिन लोग यह मानने को तैयार नहीं हैं कि बच्ची ट्रेन से हादसे का शिकार हुई है क्योंकि उसका शव ट्रैक से करीब 100 मीटर दूर मिला। हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही मृत्यु के असली कारणों का पता चल पाएगा।