बाद में उनके बीच 42 हजार रुपये में बात तय हुई। शिकायतकर्ता ने पहले 17 हजार, तीन हजार व दो हजार रुपये राशि पटवारी को दी। 20 हजार रुपये बकाया थे। राज्य चौकसी ब्यूरो की टीम ने इसकी सूचना उपायुक्त को दी। उपायुक्त के आदेश पर सिंचाई विभाग के एक्सइएन राजेश चोपड़ा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात तैनात किया गया।
ब्यूरो की टीम ने शिकायतकर्ता को 20 हजार रुपये की राशि पाउडर लगाकर पटवारी को देने के लिए दी। शिकायतकर्ता विक्रम ने पटवार भवन में जा कर पटवारी हरप्रीत सिंह को 20 हजार रुपये की राशि दी और टीम को इशारा कर दिया। टीम ने तुरंत मौके पर पहुंच कर पटवारी को काबू किया, उसके पास से 20 हजार रुपये की राशि बरामद हुई। उधर, पटवारी हरप्रीत सिंह के भाई गुरप्रीत सिंह का कहना है कि उसके भाई को साजिश रचकर फंसाया गया है। जबरन शिकायतकर्ता ने उसकी जेब में ये पैसे डाले हैं।