पुलिस ने वहां पहुंचकर देखा कि हेरोइन के पांच पैकेट पड़े थे, इनमें साढ़े तीन किलो हेरोइन थी। हेरोइन के पैकेट एक काले रंग के लिफाफे में थे, लिफाफे पर एक काले रंग की डोर बंधी थी। दो पैकेटों में एक-एक किलो हेरोइन थी और तीन पैकेटों में पांच-पांच सौ ग्राम हेरोइन थी। थाना ममदोट पुलिस ने अज्ञात पर मामला दर्ज किया है।
500 मीटर की ऊंचाई पर था ड्रोन: कमांडेंट
बीएसएफ के कमांडेंट उदय प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि 28 और 29 जून की रात 23:45 बजे उनके जवानों को आसमान में मंडराते ड्रोन की आवाज सुनाई दी। यह ड्रोन भारतीय सीमा में कोई संदिग्ध वस्तु फेंककर पाक लौट रहा था। उनके जवानों ने इंसास राइफल से 12 गोलियां और दो इल्लू बम दागे।
अधिक ऊंचाई पर होने के कारण वे ड्रोन को नीचे नहीं गिरा सके और वह सुरक्षित पाक चला गया। चौहान ने बताया कि जवानों को ड्रोन की पहचान के लिए स्पेशल ट्रेनिंग दी गई है ताकि वह आसमान में मंडराते ड्रोन की आवाज सुन सकें। ड्रोन में पहले से ही उस जगह को फीड कर दिया जाता है, जहां पर सामग्री फेंकनी होती है।
ड्रोन सामग्री फेंककर लौट रहा था। इस संबंध में पुलिस को सूचना दी गई। पता चला है कि किसान बलवंत सिंह ने किसान तेजा सिंह निवासी कालू अराइयां हिठाड़ से जमीन अदला-बदली की थी। बलवंत के खेत से हेरोइन के पैकेट मिले हैं। पुलिस दोनों से गहन पूछताछ करने में जुटी है। चौहान ने कहा कि बीएसएफ की हरकत के कारण जो तस्कर हेरोइन की डिलीवरी लेने पहुंचे थे वह वहां से भाग निकले हैं। इसलिए हेरोइन के पैकेट नहीं ले जा सके। चौहान ने बताया कि इस संबंध में पाकिस्तान रेंजर्स के साथ फ्लैग मीटिंग की और पूरी वारदात से उन्हें अवगत कराया।
ड्रोन से तस्करी: बीएसएफ ने ग्रामीणों से मांगा सहयोग
हुसैनीवाला बॉर्डर से सटी बीएसएफ चौकी साम्मेके में बीएसएफ ने कैंप आयोजित कर ड्रोन से हो रही तस्करी के संबंध में सीमांत क्षेत्रों के ग्रामीणों को जागरूक किया। इन दिनों पंजाब से सटे भारत-पाक सीमा पर ड्रोन के जरिये पाक तस्कर हेरोइन और असलहा की तस्करी करने में लगे हैं। इसे रोकने के लिए ग्रामीणों का सहयोग जरूरी है।
बीएसएफ अधिकारी ने बताया कि जनवरी से लेकर अब तक देखा गया है कि पंजाब से सटी भारत-पाक सीमा पर ड्रोन के जरिये तस्करी हो रही है। उन्हें आईजी हेडक्वार्टर से एक ड्रोन दिया गया है, ताकि सीमांत ग्रामीणों को ड्रोन की गतिविधियों के बारे में अवगत करवाया जा सके। ताकि पाक की तरफ से आने वाले ड्रोन की सूचना ग्रामीण बीएसएफ को दे सकें। इसीलिए कैंप आयोजित कर ड्रोन उड़ाकर उसकी आवाज और उसके आने के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। पाक तस्करों ने ड्रोन के जरिये तस्करी शुरू कर दी है, इसे तभी रोका जा सकता है जब सीमांत गांव के लोग बीएसएफ का सहयोग दे।