एलांते मॉल के बाहर एनआरआई की हत्या के केस में चौंकाने वाला खुलासा है। पुलिस ने एक गिरफ्तारी भी की है। शावेद के पिता जुल्फकार उर्फ पुकार का कहना है कि घटना के दिन देर रात
उन्हें सवारी का फोन आया।
वे इस सवारी को नियमित रूप से घर छोड़ते थे। उस
दिन घर पर कुछ काम करते हुए उनका हाथ जल गया था, इसलिए तीसरा बेटा शावेद
(पुलिस के अनुसार इरशाद) चला गया। थोड़ी देर बाद शावेद घर आकर सो गया और
रात करीब ढाई-तीन बजे पुलिस उसे घर से उठा ले गई।
पुलिस ने उन्हें बताया कि उनके बेटे ने एनआरआई की हत्या की है, लेकिन बेटे ने बताया कि वह एलांते मॉल के बाहर सवारी अपना सामान ऑटो में रखकर अन्य सामान लेने गई था। इस बीच एनआरआई बाप-बेटे पहुंचे और होटल तक छोड़ने को कहा, लेकिन उसने मना कर दिया।
बाप-बेटे ऑटो में सवारी का रखा सामान उतारने लगे और विरोध करने पर अभद्र भाषा का उपयोग करने लगे। इसके बाद मारपीट हो गई और तीनों फुटपाथ पर गिर गए। उसी दौरान एनआरआई जितेंदर को चोट लगी। उसने अपने बचाव में डंडे से हमला किया था। इसके बाद वह घर आकर सो गया। उसे नहीं पता था कि उनकी मौत हो चुकी है।
न्यायिक हिरासत में भेजा
रविवार को इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस ने एनआरआई मर्डर केस के आरोपी इरशाद (शावेद) को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
एसएस शर्मा, शावेद के वकील ने बताया कि पुलिस ने केस की जांच में शावेद की उम्र की ओर ध्यान नहीं दिया। इस बारे में केस को आम अदालत से जुवेनाइल कोर्ट में शिफ्ट करवाने के लिए अपील दायर की जाएगी।