11 साल की बच्ची को जिंदा आग में फेंकने वाले पुलिसकर्मी पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। बच्ची की मौत अगले दिन उसकी मां और भाई ने थाने जाकर आरोपी एएसआई के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
मामला एमपी के इंदौर जिले का है। सिकंदराबाद कॉलोनी में रहने वाले पुलिसकर्मी प्रकाश जरोलिया के खिलाफ बयान दर्ज कर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की थी।
बच्ची की मां रेहाना ने अपने बयान में कहा कि आरोपी ने बच्ची यास्मीन के हाथ-पैर बांध दिए थे और उसके मुंह में मोजा ठूंसकर उसे आग के हवाले कर दिया था। बाद में इलाज के दौरान बच्ची ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
पढ़िए, क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, पीड़ित बच्ची की मां ने बताया कि घटना के वक्त यास्मीन अकेली थी और आरोपी की बेटी की साइकिल चला रही थी। साइकिल चलाने पर आरोपी ने नाराज होकर बच्ची को सबके सामने पीटा और फिर उसे बाल पकड़कर घसीटते हुए घर ले गया।
बच्ची ने अस्पताल में दिए गए बयान में कहा कि आरोपी ने घर में उसे करीब एक घंटे तक बंधक बनाए रखा और फिर उस पर स्टोव से तेल डालकर माचिस से लगा दी। बच्ची के मुंह में मोजा ठूंसा होने की वजह से वह चीख भी न सकी।
घटना की खबर मिलते ही बच्ची का मां वहां पहुंची तो नजारा देखकर कांप उठी। उसने किसी तरह बच्ची को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन 96 फीसदी जल चुकी बच्ची ने इलाज को दौरान दम तोड़ दिया।
'दरिंदे को अपने हाथों से जलाना चाहती हूं'
बच्ची की मौत के बाद उसकी मां का गुस्सा फूट पड़ा और उसने चीख-चीखकर कहा कि वह आरोपी को अपने हाथों से जलाकर बदला लेना चाहती है। उसने आरोपी के खिलाफ शिकायत देकर बयान दर्ज कराए।
मामले ने तूल पकड़ा तो एएसपी विनय पॉल कहा कि बच्ची के बयान की रिकॉर्डिंग सामने आई है उसकी जांच कराई जा रही है। इसे कोर्ट में भी सबूत के तौर पर पेश किया जाएगा।
वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ राजनीतिक दलों के नेता भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।