ईडब्ल्यूएस कालोनी में 21 अप्रैल को जलने से लड़की की मौत के मामले में रविवार को उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, बेटी का बाहर घूमना पसंद नहीं था तो मां ने उसका गला दबा दिया।
घटना को हादसे का रुप देने के लिए उसने शव को मिट्टी का तेल डालकर जला डाला। जांच के बाद पुलिस ने ईडब्ल्यूएस कालोनी निवासी निर्मला देवी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी महिला से पूछताछ करने में जुटी हुई है।
थाना डिवीजन सात के एसएचओ आईपीएस डॉ. संदीप कुमार गर्ग ने बताया कि 21 अप्रैल को ईडब्ल्यूएस कालोनी में एक लड़की निशा की बाथरूम में जलने से मौत हो गई थी। जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो पुलिस को वहां से कुछ बरामद नहीं हुआ, लेकिन मिट्टी के तेल की बदबू जरूर आ रही थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पहले निशा की गला दबाकर हत्या की गई है और बाद में उसके शव को मिट्टी का तेल डालकर जलाया गया है। जब पुलिस ने घर वालों के बयान दर्ज किए तो निशा की मां निर्मला ने बयान बदलने शुरू कर दिए।
पुलिस को शक हुआ। सख्ती से पूछताछ की गई तो निर्मला ने सारी कहानी पुलिस को बता दी। डॉ. गर्ग ने बताया कि निशा उर्फ डॉली की तीन बहनें थीं। वह घूमने की शौकीन थी और ज्यादातर समय घर से बाहर ही बिताती थी, लेकिन उसकी मां निर्मला देवी को उसका बाहर घूमना अच्छा नहीं लगता था।
उसने कई बार डॉली को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानती थी। 21 अप्रैल घटना वाले दिन निर्मला ने उसे सबक सिखाने की ठान ली। डॉली के पिता मान सिंह दमे की बीमारी के चलते घर में ही सो रहे थे, जबकि उसकी दोनों छोटी बहनें स्कूल गई हुई थीं और उसकी बड़ी बहन अपने काम पर गई थी।
जब डॉली बाहर से घूमकर घर आई तो उसकी निर्मला के साथ कहासुनी हो गई। कहासुनी के दौरान निर्मला ने डॉली का गला दबा कर उसकी हत्या कर दी।
हत्या करने के बाद उसने इसे हादसा करार देने के लिए डॉली का शव बाथरूम में रखा और मिट्टी का तेल डाल कर उसे आग लगा दी। पुलिस आरोपी महिला से पूछताछ करने में जुटी हुई है।