कुलदीप ने उससे शादी का वादा किया था। इसी भरोसे पर वह उसके साथ चली गई। लेकिन उसने उसे वेश्यावृत्ति में धकेलने की साजिश रच डाली। बकौल पीड़िता, कुछ समय बाद वह उसे बलटाना ले आया। एक कमरा दिलाया और यहां भी शारीरिक शोषण का सिलसिला शुरू हो गया। रोजाना अलग-अलग लोगों को लाने लगा।
बार-बार दुष्कर्म करते रहने के कारण वह गर्भवती हो गई और 28 दिसंबर 2015 को उसने पहले बेटे को जन्म दिया। इसके बाद पीड़िता ने कुलदीप के जुर्म का विरोध किया तो उसने अपने दोस्तों को भी घर लाना शुरू कर दिया। उसे वेश्यावृत्ति में धकेलने में कुलदीप की मां और भाभी भी शामिल थी।
कुलदीप व उसके चार दोस्तों ने उससे मारपीट शुरू कर दी। वे उसके बेटे को मारने की धमकी देकर उसका शारीरिक शोषण करते रहे। नतीजा, 26 मई 2021 को उसने दूसरे बेटे को जन्म दिया। पीड़िता ने बताया कि जब भी वह विरोध करती तो उसके बेटों को नहर में फेंकने की धमकी देकर डरा दिया जाता।
24 नवंबर 2020 को वह बठिंडा ले जाकर उसे दुबई बेचने की साजिश रचने लगे। इस बीच पीड़िता आरोपियों के चंगुल से भागने में कामयाब हो गई और पुलिस को शिकायत दे दी। जीरकपुर पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें दो महिलाएं शामिल हैं।