जुड़वां बेटियों में से एक दे दी थी गोद
इसके बाद एक बच्ची किसी को गोद दे दी गई। लेकिन दूसरी बच्ची एकम सिकंदर के निशाने पर आ गई। वह उसे कई बार पीटता था। यही नहीं कई बार आरोपी बच्ची को ट्रंक में भी बंद कर देता था। गांव मीआंपुर के सरपंच गुरचरन सिंह चन्नी ने कहा कि सिकंदर सिंह घर में लड़का न होने के कारण सीमा और दोनों बेटियों से मारपीट करता था। पिटाई से तंग होकर सीमा अधिकतर अपने मायके परिवार में रहती थी। आरोप है कि शुक्रवार को भी सिकंदर ने अपनी बच्ची एकम के साथ मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने शुरू की तलाश
वारदात के बाद आरोपी बच्ची को खुद ही रोपड़ के सरकारी अस्पताल लाया, जहां डॉक्टर ने बच्ची को मृत बता दिया। इसके बाद पुलिस ने बच्ची के पिता सिकंदर सिंह पर मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
डॉक्टर से कहा-बेड से गिरी है बच्ची
सरकारी अस्पताल की डॉक्टर लवलीन ने बताया कि बच्ची का पिता उसे लेकर इमरजेंसी में आया था, लेकिन बच्ची की मौत हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि बच्ची के शरीर पर पड़े पिटाई के निशान के बारे में जब पूछा गया तो उसके पिता ने कोई स्पष्ट जवाब न देते हुए कहा कि वह बेड से गिर गई है। उन्होंने बताया कि बच्ची के गले पर भी निशान थे, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
मारने के बाद कहा-सो रही है
मृतक बच्ची एकम की मां सीमा ने बताया कि उसके पति ने सुबह बच्ची को पीटा और उसे बिस्तर पर लिटा दिया। सीमा के पूछने पर उसने कहा कि वह सो रही है, लेकिन जब सीमा ने दो घंटे बाद देखा तो बच्ची की सांस नहीं चल रही थी। तब सिकंदर सिंह बच्ची को सरकारी अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टर ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। मामले की जांच अधिकारी स्वाति धीमान ने बताया कि बच्ची के पिता सिकंदर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी बाकी है।