एसएसपी रंजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि एसपी (जांच) विशालजीत सिंह, डीएसपी (जांच) देवदत्त शर्मा, सीआईए स्टाफ पट्टी के प्रभारी इंस्पेक्टर बिंदरजीत सिंह पर आधारित टीम ने साइबर सेल की मदद से आतंकी जोबन की लोकेशन ट्रेस की। चार दिन लगातार राजस्थान में डेरा डालने के बाद जोबन को गिरफ्तार कर लिया गया।
एसएसपी ने बताया कि आतंकी जोबन ने प्राथमिक पूछताछ में माना कि ड्रोन के माध्यम से यह आईईडी पाकिस्तान से आई थी। आईएसआई एजेंट बिलाल संधू ने व्हाट्सएप के जरिये से उसे पंजाब में धमाका करने का टारगेट दिया था। इसके बदले बाकायदा विदेश से फंडिंग भी हुई थी। धमाके का पहला टारगेट कस्बा नौशहरा पन्नुआं का बस अड्डा था। हालांकि पुलिस ने समय पर ही कार्रवाई करते हुए आईईडी को बरामद कर लिया था।
जोबन को व्हाट्एसप पर धमाका करने की दी थी ट्रेनिंग
जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन ने पुलिस को बताया कि आईएसआई के एजेंट बिलाल संधू ने जोबन को व्हाट्सएप पर धमाका करने की ट्रेनिंग भी दी थी। बलजिंदर सिंह उर्फ बिंदू और जगतार सिंह उर्फ जग्गा को पैसे देकर आईईडी फिट करने के लिए तैयार किया था। आईईडी फिट करने के साथ बाकायदा टाइमिंग सेट कर धमाके किए जाने थे। एसएसपी रंजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि बिलाल संधू ने जोबन के अलावा कई अन्य असामाजिक तत्वों के साथ संपर्क बनाकर पंजाब का माहौल बिगाड़ने की साजिश रची थी।