दोनों पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में थे और पाकिस्तान से नशा और हथियार की तस्करी में शामिल थे। पाकिस्तान से नशा और हथियार मंगाकर दोनों यहां सप्लाई करते थे और इससे होने वाली कमाई को म्यूजिक इंडस्ट्री में लगाते थे। आरोपी कई गैंगस्टरों के संपर्क में भी थे। यह भी पता चला है कि पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के कई नामी गायक भी इसमें शामिल हैं। इस संबंध में आरोपियों से पूछताछ की जा रह है। जानकारी मिलने पर एसएसओसी जल्द ही उनके नामों का खुलासा करेगी।
वेब सीरीज आश्रम में दिखाए तरीकों से बेचते थे नशा
सूत्रों से पता चला है कि आरोपी गोरा देश-विदेश में शो के दौरान ओटीटी प्लेटफार्म पर उपलब्ध वेब सीरीज आश्रम में दिखाए गए तरीके के मुताबिक लोगों को बुलाकर नशा बेचने का काम करता था। आरोपी गोरा गायकी के नाम पर युवाओं का इकट्ठा करता था। उसकी टीम बाद में युवा फैन्स को नशे की लत में फंसाती थी। नशे से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल ये लोग बनाए गए गानों के प्रमोशन में भी करते थे।
राजस्थान में भी वांछित थे दोनों
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों आरोपी एनसीबी की ओर से राजस्थान में दर्ज नशा तस्करी के एक मामले में भी वांछित थे। गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा पर मनीलॉड्रिंग के आरोप भी हैं। उसने सीमा पार से तस्करी गतिविधियों में पैसे के लेन-देन में अहम भूमिका निभाई थी।
बिल्डर पर हमले के भी आरोपी हैं दोनों
जांच में पता चला है कि सात मई को सेक्टर-79 में एक बिल्डर पर फायरिंग हुई थी। इस मामले में भी दोनों आरोपियों का नाम आया था। सोहाना थाना पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया था। हमले में कुल पांच लोग शामिल थे, जिनमें तीन की पहचान हो गई थी जबकि दो अज्ञात थे।