अस्पताल से मरीज ने लगाई छलांग।
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एचआईवी पीड़ित 46 वर्षीय मरीज ने शुक्रवार दोपहर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल (जीएमसीएच) सेक्टर-32 की छठी मंजिल से छलांग लगा दी। छठी मंजिल से वह दूसरी मंजिल पर आकर गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई। मरीज मूलरूप से जिला गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) के रखुखोर का रहने वाला था।
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि वह मानसिक तौर पर परेशान था और इसी के चलते उसने यह कदम उठाया। बीते 24 जुलाई को उसे एचआईवी, टीवी समेत अलग-अलग गंभीर बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार दोपहर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि जीएमसीएच-32 की छठी मंजिल से एक मरीज ने छलांग लगा दी है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे इमरजेंसी में पहुंचाया लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित एक पेपर मिल में काम करता था। वह एचआईवी समेत अन्य बीमारियों से पीड़ित था। इलाज के लिए उसे जीएमसीएच-32 की छठी मंजिल स्थित सी-ब्लॉक में भर्ती करवाया गया। उसकी देखभाल के लिए पत्नी और 12 वर्षीय बेटा साथ में थे। शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे वह बेटे और पत्नी से बहाना बनाकर बालकनी में आ गया और वहां से छलांग लगा दी। वह अस्पताल के दूसरी मंजिल की बालकनी में गिरा। ऊंचाई से गिरने से सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। सेक्टर-34 थाना पुलिस शव को अस्पताल के शवगृह में रखवाकर मामले की जांच कर रही है।
अस्पताल से पहले भी छलांग लगा चुके हैं मरीज
बता दें कि इससे पहले 2 अगस्त 2020 को कोरोना संक्रमित एक बुजुर्ग मरीज अस्पताल की पांचवीं मंजिल से जबकि 17 अक्तूबर 2020 को 27 वर्षीय एक युवती ने अस्पताल की सातवीं मंजिल से छलांग लगाई थी। वहीं, 2 दिसंबर 2020 को एक महिला ने जीएमसीएच-32 की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी। अस्पताल से लगातार मरीजों के छलांग लगाने की घटना के बावजूद अस्पताल प्रबंधन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।