एसएसपी ने कहा कि गैंगस्टर हथियार लेने के लिए ही यहां आया था और पुरानी रंजिश के चलते सोनीपत निवासी एक व्यक्ति को मारने की फिराक में था। पकड़ा गया अक्षय पंजाब, राजस्थान तथा हरियाणा के तीन गैंग से जुड़ा था और 15 हत्या, डकैती और हाईवे डकैती के 20 मामलों में वांछित था। हालांकि पुलिस ने उसे कब पकड़ा और कितनी देर मुठभेड़ चली इस बारे में जानकारी नहीं दी।
एसएसपी ने बताया कि अक्षय के जेल में बंद कैदियों से संबंध हैं। यह सोनीपत निवासी राजू बिसोदी और जेल में बंद लारेंस बिश्नोई से जुड़ा है। अक्षय सुपारी लेकर हत्याएं करता था। उसने लारेंस बिश्नोई के गिरोह के साथ मिलकर चार कत्ल और छह हाईवे डकैतियां की हैं। जबकि मार्च 2017 में जेल से बाहर आने के बाद 10 हाईवे डकैतियां कीं, जिसमें लगभग 50 लाख रुपये लूटे।
सितंबर 2015 में सोनीपत में तीन कत्ल के मामलों को लेकर यह 18 महीने तक जेल में रहा। जबकि नाबालिग होने के कारण यह 2017 से जमानत पर था। इसके बाद अक्षय ने सोनीपत के भीड़भाड़ वाले इलाके में पिता और पुत्र का सरेआम बेरहमी से कत्ल कर दिया था, जबकि जनवरी 2018 में राजस्थान के राजगढ़ में कोर्ट रूम में ही दो व्यक्तियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इसके बाद इसने जून 2018 में अपने विरोधी जोरडन को भी गोली मार दी थी। अक्षय ज्यादा गोलियां मारकर कत्ल करने पर गर्व महसूस करता था। यह यूपी बॉर्डर पर स्थित 93 गांवों में मावेशी ले जाने वालों से पांच सौ रुपये प्रति मावेशी गुंडा टैक्स वसूलता था।
15 वर्ष की आयु में किया था पहला कत्ल
अक्षय पहलवान ने 15 साल की आयु में पहला कत्ल किया था और चार साल में उसने तीन दर्जन से भी ज्यादा बड़ी वारदात को अंजाम दिया। एसएसपी ने बताया कि अक्षय पहलवान पर हरियाणा सरकार ने चार लाख रुपये, जबकि राजस्थान सरकार ने 60 हजार रुपये इनाम रखा है।
पुलिस ने अक्षय को गांव ढाहा से पकड़ा। यह गांव गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह बाबा का है। इसी गांव के गैंगस्टर पिंदरी के अक्षय के साथ संबंधों को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।