टीम ने रात 11:45 बजे वहां नाका लगाकर सन्नी और उमंग को गिरफ्तार कर लिया। इनकी तलाशी लेने पर एक पिस्टल और चार कारतूस मिले। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि इनकी मदद कैलाश उर्फ टाइगर कर रहा है। उसे गिरफ्तार करने पर एक पिस्टल और दो कारतूस मिले। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि भुप्पी राणा की हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए पूजा भी उनको ज्वाइन करने वाली थी मगर इससे पहले ही वे पकड़े गए। शूटरों ने यह भी बताया कि उन्होंने मोहाली और पंचकूला की अदालतों की भी रेकी की थी।
एलांते माल से खरीदी थी वकील की दो ड्रेस
शूटरों ने रेकी कर भुप्पी राणा की हत्या अदालत में पेशी के दौरान करने की योजना बनाई थी। इसके लिए शूटरों ने एलांते माल से 40 हजार रुपये में वकील की दो पोशाक भी खरीदी थी। इसका बिल भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। इनमें से एक महिला और दूसरी पुरुष वकील की पोशाक है। पुलिस से बचने के लिए हर रोज वे अलग-अलग ठिकानों पर फर्जी आईडी पर रुक रहे थे।
हर रोज आ रहे थे 50 हजार से ज्यादा रुपये
दोनों शूटर पिछले करीब 10 दिन से चंडीगढ़ में रेकी करने का काम कर रहे थे। इनके पास खर्चे के लिए हर रोज 50 हजार से ज्यादा रुपये पहुंच रहे थे। ये रुपये कभी कैश तो कभी बैंक खाते में आते थे। शूटरों तक रुपये पहुंचाने का काम विक्की चौहान कर रहा था। वह गोल्डी बराड़ का नजदीकी बताया जा रहा है। हर दो दिन बाद वे मोबाइल तोड़कर नया ले लेते थे और नई सिम भी ले लेते थे।