बैड ब्वॉयज गैंग के तीनों आरोपियों को एक बच्चे के पिता की शिकायत पर गत दिसंबर में भी गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने तब इनके भविष्य को देखते हुए चेतावनी देकर छोड़ दिया था। मगर इसके बाद सुधरने की जगह तीनों ने अपना जाल और तेजी से फैलाया। करीब डेढ़ सौ बच्चों को इसमें फंसा लिया।
मामले की परतें खोलते हुए एक अन्य पीड़ित स्टूडेंट के अभिभावक सेक्टर-27 निवासी बिजनेसमैन निरवाण सिंह गिल ने बताया कि उनका बेटा विवेक हाई स्कूल में 9वीं का स्टूडेंट है। नवंबर के आखिर में उनकेबेटे ने रतन लुबाना, अमितोज सिंह उर्फ अमू और राजवीर सिंह उर्फ राजा द्वारा तंग किए जाने की शिकायत की थी।
बार-बार तंग करने से परेशान होकर उन्होंने दिसंबर के शुरू में पुलिस के एक बड़े अधिकारी को पूरे मामले की जानकारी दी थी। जिसकेबाद उनके अधीनस्थ अधिकारी ने तीनों युवकों को बुलाकर समझाया।
10 दिसंबर को तीनों को समझाया
गिल ने कहा कि तीनों के भविष्य को देखते हुए उन्होंने कोई भी कार्रवाई नहीं करने की बात पुलिस से कही थी। इसकेचलते तीनों को सख्ती से समझाकर छोड़ दिया गया था। उन्हें लग रहा था शायद उनके बेटे को ही किसी वजह से परेशान किया जा रहा है। लेकिन अब इतने सारे बच्चों केप्रभावित होने पर वह भी अचंभित हैं। निरवाण सिंह गिल ने कहा कि उनकेजैसे और भी कई पेरेंट्स मामले में चुप्पी साधे बैठे हैं। हर कोई अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है।
इससे पहले पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट एवं पीड़ित स्टूडेंट केपिता जसदीप सिंह तूर ने भी इस मामले में कई राज खोले थे। तूर ने भी अक्तूबर में रतन लुबाना को फोन पर समझाया था। लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया।