कभी रेप तो कभी किडनैपिंग। पंचकूला में बढ़ती वारदातों से ऐसा लग रहा है मानो शहर अब नाबालिगों के लिए महफूज नहीं रह गया है। पंचकूला पुलिस भी तहकीकात में लापरवाही बरत रही है। नाबालिग बच्ची के अपहरण के मामले में छह दिन बाद उसने मामले की जांच शुरू की है।
एक नाबालिग को फेसबुक पर एक अनजान के साथ दोस्ती करना महंगा पड़ा गया। उस शख्स ने पहले नाबालिग से फेसबुक पर दोस्ती की। फिर दोनों के बीच दोस्ती गहरी हो गई तो रिलेशनशिप की ओर बढ़ती नजर आई। लेकिन मासूम को यह नहीं पता था कि संदिग्ध ने यह दोस्ती नाबालिग का अपहरण करने के उद्देश्य से की है। संदिग्ध आरोपी और नाबालिग के बीच पांच माह में फेस बुक की दोस्ती रिलेशनशिप में बदल चुकी थी।
वहीं, 16 जनवरी को दोपहर 3.30 बजे नाबालिग अपनी बड़ी बहन के साथ टयूशन पढनें के लिए घर से निकली। रास्ते में उसने बड़ी बहन से कहा कि वह मार्केट से कुरकुरे खरीदने जा रही है। बड़ी बहन ट्यूशन पढ़ने चली गई । जबकि छोटी बहन सेक्टर 4 की मार्केट की ओर चली गई। बड़ी बहन को लगा कि छोटी बहन झूठ बोलकर वापस घर चली गई।
लेकिन जब बड़ी बहन ट्यूशन से घर वापस घर लौटी तो मां- बाप ने उससे छोटी बेटी के बारे में पूछा। बड़ी बेटी ने पूरी घटना की जानकारी दी। जब रात 9 बजे तक छोटी बेटी का कुछ पता नहीं चला तो मां बाप ने उसके लापता होने की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने यह मामला महिला पुलिस थाना ट्रांसफर कर दिया। वहीं, नाबालिग के अपहरण के छह दिन बाद जब पंचकूला पुलिस नींद से जागी और रविवार को इस मामले की तहकीकात में जुट गई।