बाद में 15 अक्तूबर को पैसे देकर उसे भेज दिया था। इसके बाद मृतक युवक के परिवार वालों से संपर्क करके शव की पहचान कराने के साथ मामले में धारा 174 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई की गई।
कॉल डिटेल्स खंगाली तो खुला राज
पुलिस ने परिवार वालों से मृतक का मोबाइल नंबर हासिल कर डिटेल निकाली। कॉल डिटेल्स की पड़ताल करने और अन्य तकनीकी ढंग से गहनता के साथ छानबीन करने पर सामने आया है कि गुरजिंदर सिंह उर्फ गैरी नशे का आदी थी। इस संबंध में वह हिमाचल प्रदेश के बद्दी में एक नशा छुड़ाओ केंद्र में भी भर्ती रहा था। जहां उसकी सिमरनजीत सिंह निवासी हीरा महल नाभा के साथ जान-पहचान हो गई थी। सिमरनजीत सिंह भी वहां इलाज करा रहा था।
एसएसपी ने बताया कि दरअसल, 15 अक्तूबर को आरोपी सिमरनजीत सिंह ने फोन करके गुरजिंदर सिंह को अपने नाभा स्थित घर पर बुलाया। जहां पर उसने गुरजिंदर सिंह का आईफोन, स्पोर्ट्स घड़ी, सामान वाला बैग और उसके पैसे हड़पने की नीयत से साथी करन कुमार सिंघी निवासी न्यू फ्रेंड्स कालोनी नाभा के साथ मिलकर गुरजिंदर की हत्या कर दी। आरोपियों ने पहले गुरजिंदर सिंह को नशा कराया फिर मौत के घाट उतारा। इसके बाद शव को स्कूटी से गांव मैहस में नहर के किनारे फेंक दिया।
पुलिस ने मृतक के पिता भुपिंदर सिंह की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्जकर गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल स्कूटी भी बरामद कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।