पीजीआई के डॉक्टर ने साइबर सेल को अपनी शिकायत में बताया कि दिल्ली में रहने वाले उनके रिश्तेदार कोरोना से संक्रमित हैं। उनका ऑक्सीजन लेवल कम होने की वजह से उन्हें सिलिंडर की जरूरत थी। उन्होंने इंटरनेट पर ऑक्सीजन सिलिंडर के बारे में चेक किया। इस दौरान उनके पास एक फोन आया। फोन पर व्यक्ति ने कहा कि ऑक्सीजन सिलिंडर दिल्ली स्थित उनके रिश्तेदार के घर तक पहुंचा दिया जाएगा। इसके बाद जालसाज ने उन्हें अपने झांसे में लेकर उनसे 18 हजार 500 रुपये ऐंठ लिए। जब उन्होंने शख्स को दोबारा फोन किया तो उसने कहा कि पांच हजार उनके खाते में और जमा कर दें। डिलीवरी के दौरान बाकी के पैसे को उनको वापस कर दिया जाएगा। परेशान होकर डॉक्टर ने मामले की शिकायत साइबर सेल को दी है।
20 और 50 लीटर के ऑक्सीजन सिलिंडर भेजने के नाम पर ठगे 7500 रुपये
सेक्टर-51 निवासी शख्स ने बताया कि वह कोरोना संक्रमित थे। उनका ऑक्सीजन लेवल कम होने की वजह से परिजनों ने इंटरनेट पर इमरजेंसी में सिलिंडर खरीदने के बारे में सर्च किया। थोड़ी देर में उनके पास रोहित नाम के शख्स का फोन आया। उसने बताया कि वह छत्तीसगढ़ से आईनॉक्स कंपनी का एजेंट बोल रहा है। ऑक्सीजन सिलिंडर की डिलीवरी करवाने का काम करता है। इसके बाद 20 लीटर सिलिंडर भिजवाने का झांसा देकर 3 हजार और फिर 50 लीटर सिलिंडर के लिए 4500 ऐंठ लिया। परिजनों को जब इसकी ठगी के बारे में पता चला तो शिकायत साइबर पुलिस को दी गई।
साइबर विशेषज्ञ राजेश राणा का कहना है कि जालसाज अलग अलग तरीकों को अपनाकर व्हाट्सएप, फेसबुक समेत अन्य सोशल नेटवर्क पर ऐसे कई मैसेज वायरल कर रहे हैं। इससे कोई भी कोरोना मरीज परिवार आसानी से इनके झांसे में आ सकता है। इन मैसेज में दावा किया जाता है कोरोना मरीज को या तो फ्री में ऑक्सीजन दी जाएगी या फिर काफी कम रेट पर मुहैया करवाई जाएगी। इसकी सच्चाई जानने के लिए जब इन नंबरों पर फोन किया गया तो ज्यादातर नंबर या तो स्विच ऑफ या किसी ने कोई जवाब नहीं दिया।
इन बातों को ध्यान रखकर करें बचाव
साइबर विशेषज्ञ राजेश राणा का कहना है कि ऐसे समय में भावुक होने के बजाय आपको संयम बरतने की जरूरत है। अगर कुछ बातों को ध्यान में रखा जाए तो आप ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं।
1. ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत पड़ने पर अपने जानकारों से पहले संपर्क करें।
2. सोशल मीडिया पर आने वाले मैसेज पर बिना जांच पड़ताल किए लिंक पर क्लिक न करें।
3. ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए ऑनलाइन नहीं, बल्कि कैश पेमेंट करें।
4. दवाई या फिर ऑक्सीजन की डिलीवरी होने के बाद पैसा दें।
5. अगर आपको लगता है वायरल मैसेज फर्जी है तो अपने जानकारों को भी जागरूक करें।
6. ठगी का शिकार होने पर फौरन इसकी सूचना साइबर पुलिस को दें।
7. इंटरनेट पर बिना सोचे समझे किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
ऑक्सीजन सिलिंडर की डिलीवरी के नाम पर ठगी के दो मामले सामने आए हैं। टीम मोबाइल नंबर के लोकेशन के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है। जल्द ही इन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -रश्मि यादव, डीएसपी साइबर सेल