डीआईजी रणबीर सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सीआईए स्टाफ को सूचना मिली कि वरना गाड़ी में कुछ लोग नशे और हथियारों की तस्करी करने का काम करते हैं और शुक्रवार को मोहाली से दोराहा के नीलू क्षेत्र में नशे व हथियारों की डिलीवरी देने जा रहे हैं। पुलिस ने नीलू नहर के पास नाकाबंदी कर दी। वरना गाड़ी को रोका गया तो उसमें चार लोग सवार थे।
गाड़ी की तलाशी लेने पर 266 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। गाड़ी में बैठे सुखविंदर सिंह के कब्जे से एक पिस्टल, एक मैगजीन और छह कारतूस, जगदीप सिंह के पास से एक पिस्टल 32 बोर, एक मैगजीन, चार कारतूस और एक 12 बोर की राइफल, विशाल कुमार से एक पिस्टल 32 बोर, दो मैगजीन और 10 कारतूस बरामद हुए। इकबालप्रीत सिंह के पास से छह ग्राम हेरोइन बरामद हुई। सभी को मौके पर ही गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया गया।
डीआईजी ने आगे बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उनके दो साथी बहादुर सिंह निवासी मोहाली व रमनदीप सिंह निवासी फिरोजपुर पीछे रह गए। डीआईजी ने बताया कि पिछले काफी समय से सुखविंदर सिंह एक निहंग का रूप धरकर लूटपाट, नशा और हथियार तस्करी का काम करता आ रहा है। सुखविंदर सिंह अपने साथियों के साथ दिल्ली से सस्ते दामों में हेरोइन और हथियार लाकर पंजाब के अलग-अलग शहर जीरकपुर, फतेहगढ़ साहिब, खन्ना, दोराहा, रोपड़ और मोहाली के अलावा अन्य शहरों में सप्लाई करता था।
डीआईजी ने बताया कि इस गिरोह के सरगना सुखविंदर सिंह पर पंजाब के अलग-अलग शहरों में 11 मामले दर्ज हैं। दूसरे आरोपी विशाल कुमार पर भी पंजाब के अलग अलग शहरों में छह मामले दर्ज हैं। इकबालप्रीत सिंह पर पहले भी एसटीएफ फतेहगढ़ साहिब की तरफ से हेरोइन तस्करी का मामला दर्ज है, वहीं इकबालप्रीत सिंह अपने साथियों के साथ मिलकर जेल में शिवसेना पंजाब के प्रधान निशांत शर्मा पर हमला भी किया था।