मौज मस्ती के लिए अपहरण का ड्रामा स्वयं रचना दो नाबालिग लड़कियों को उस वक्त भारी पड़ गया, जब पुलिस की साइबर टीम आधी रात को ही तलाश करते-करते उनके पास पहुंची। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग को पकड़ा और उनसे पूछताछ की। पूछताछ करने पर लड़कियों ने बताया कि उनका कोई अपहरण नहीं हुआ था। बताया जा रहा है कि दशहरा में वे कलाकेंद्र में कार्यक्रम देखने आई थी।
घर से बाहर रहने के लिए उन्होंने यह नाटक स्वयं रचा था। बाद में लड़कियों ने परिजनों से माफी मांगी। इसके बाद ही पुलिस ने उन्हें जाने दिया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दो नाबालिग लड़कियां दशहरा में घूमने आई थी। रात 9.30 बजे दोनों लड़कियों ने तय किया कि वे दोनों बाहर एक साथ रात बिताएंगी। दोनों ने सर्किट हाउस के पास एक कमरा भी बुक किया। लड़कियों को पता था कि उनके परिजन उन्हें बाहर रहने के लिए अनुमति नहीं देंगे। ऐसे में उन्होंने एक ड्रामा रचा कि उनका किसी ने अपहरण किया है।