शराब पिलाकर छात्र का शारीरिक शोषण करने वाली महिला टीचर के मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। महिला टीचर ने भाइयों की मदद से शराब पिलाकर किशोर छात्र से चाकू दिखाकर सेक्स करते हुए वीडियो बना ली थी।
ऐसे काफी वीडियो बनाए गए थे। यह सिलसिला एक वर्ष तक चलता रहा। कुछ समय पहले छात्र के परिवार वालों के पास उसकी ब्लू फिल्म पहुंची तो वह हैरान रह गए।
अब तक की जांच में पुलिस को ऐसे 17 वीडियो के बारे में पता चला है। जिसमें से 16 अश्लील वीडियो पीड़ित छात्र के साथ उसकी टीचर ने बनाई है और एक अश्लील वीडियो में टीचर अपने भाइयों के साथ है।
बचपन बचाओ आंदोलन के दिनेश कुमार ने कहा कि 16 अक्तूबर को मामला उनके ध्यान में आया। अगले दिन वह पीड़ित के परिजनों से मिले और सारी बात कर वीडियो क्लिप देखे। दिनेश ने इसकी शिकायत थाना डिवीजन पांच की पुलिस को दी।
एक साल से चल रहा था सिलसिला
थाना डिवीजन पांच में तैनात जांच अधिकारी एएसआई बलजिंदर सिंह ने कहा कि छात्र इलाके में ही स्थित एक स्कूल में पढ़ाई करता था। वह बस स्टैंड के पास स्थित एक इलाके में किराए के मकान में रहता था। मकान मालकिन उसे पढ़ाने के लिए अपने पास बुला लेती थी।
करीब एक वर्ष पहले उसने किशोर छात्र को अपने लैपटॉप पर ब्लू फिल्म दिखानी शुरू कर दी। इसी दौरान महिला टीचर ने छात्र को उकसाना शुरू कर दिया। जब वह मना करता था उससे यह काम चाकू की नोक पर करवाया जाता।
इस मामले में पुलिस ने महिला अध्यापक और उसके भाई माधव और राघव के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने किशोर छात्र की मेडिकल जांच भी करवा ली है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े हैं तार
दिनेश के अनुसार उन्हें आशंका है कि आरोपियों के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े हुए हैं। जो यहां से ब्लू फिल्म तैयार कर वहां भेजते है। उन्हें डर है कि आरोपी अपने अंतरराष्ट्रीय आकाओं के जरिए विदेश न फरार हो जाएं। उन्होंने कमिश्नर को भी इस बारे में बताया।
इस पर कमिश्नर ने तुरंत एक्शन लेते हुए सभी एयरपोर्ट पर एलओसी करवाने के लिए कहा। दिनेश ने कमिश्नर से कहा कि बच्चा व उसके परिवार वाले काफी डरे हुए है। उन्हें आशंका है कि आरोपी उन्हें कोई न कोई नुकसान पहुंचा सकते हैं। पुलिस कमिश्नर ने उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया।
दिनेश और पीड़ित के परिजनों ने पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चे की मानसिक हालत पहले से बेहतर है। बच्चा स्कूल जाना चाहता है और अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहता है।