वह दिन में बेटी को एक कमरे में बंद करके रखता था और उसे कमरे में ही खाने-पीने का सामान देता था। वहीं, मामले का खुलासा होते ही आरोपी बौखला गया और उसने आत्महत्या करने की कोशिश की लेकिन उसके बेटे ने किसी तरह उसे बचा लिया।
अल्ट्रासाउंड में हुआ गर्भवती होने का खुलासा
युवती के पेट में गुरुवार रात अचानक दर्द शुरू हो गया, जिसके बाद उसे सरकारी अस्पताल दाखिल करवाया गया। जहां पर अल्ट्रासाउंड के बाद पता चला कि लड़की के गर्भ में 9 माह का बच्चा पल रहा है। इसके बाद उसने एक नवजात को जन्म दिया, जिसकी मौत हो गई। मौत के बाद जब अस्पताल कागजी कार्रवाई करने लगा तो आरोपी बाप लड़की के पति के बारे में कोई जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद अस्पताल ने मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद संबंधित चौकी प्रभारी गुलाब सिंह, महिला थाना प्रभारी नेहा चौहान मौके पर पहुंची।
पुलिस ने की युवती से लंबी पूछताछ
पुलिस ने युवती से काफी समय तक पूछताछ की। पहले तो वह डर के मारे कुछ बोलने को तैयार नहीं थी लेकिन बाद में उसने बताया कि उसका बाप ही उससे दुष्कर्म करता था। युवती ने इस बारे में परिवार के अन्य सदस्यों को जानकारी होने से साफ इंकार कर दिया। युवती ने बताया कि पिता उसके साथ कई महीने से घिनौनी हरकत कर रहा था और डरा रहा था। इसके चलते उसने किसी के सामने मुंह नहीं खोला।
अस्पताल में उपचाराधीन युवती की हालात सामान्य बताई जा रही है। युवती ने पुलिस को दिए बयान में भले ही परिवार के अन्य सदस्यों को इस बात की जानकारी होने से साफ इंकार कर दिया है। लेकिन पुलिस जांच में मां की भूमिका शक के घेरे में है। यही कारण है कि महिला थाना पुलिस युवती की मां से भी लगातार पूछताछ कर रही है।
महिला पुलिस अधिकारियों का मानना है कि युवती 9 माह की गर्भवती हो चुकी थी और उसकी मां एवं भाई-बहन भी साथ ही रहते हैं। ऐसे में परिवार ने मामले में आरोपी बाप को बचाने की कोशिश की है। वहीं यह जानकारी भी मिली है कि गर्भपात के लिए युवती को गर्भ निरोधक दवा खिलाई गई, जिससे बच्ची की गर्भ में मौत हुई है।
युवती के बाप को गिरफ्तार कर लिया गया है। शनिवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस मामले में युवती ने स्टेटमेंट में आरोपी बाप पर ही दुष्कर्म का आरोप लगाया है। वहीं उसने इस बारे में परिवार के अन्य सदस्यों को कोई भी जानकारी होने से इंकार किया है। -नेहा चौहान, एसएचओ महिला थाना पुलिस।