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12वीं का पेपर खराब होने पर दो छात्राओं ने की खुदकुशी

Wed, 16 Mar 2016 10:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक/यमुनानगर
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सुसाइड - फोटो : file photo
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हरियाणा में 12वीं का पेपर खराब होने की वजह से डिप्रेशन में आईं अलग-अलग जिली की 2 छात्राओं ने खुदकुशी कर ली। रोहतक की जनता कॉलोनी में 12वीं की छात्रा भूमिका और यमुनानगर में थाना फर्कपुर क्षेत्र के हरबंसपुरा कॉलोनी में नौवीं की छात्रा शिवानी ने मंगलवार को खुदकुशी कर ली।
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ये दोनों छात्राएं पेपर खराब होने की वजह से अवसाद में थीं। पीजीआई में उपचार के दौरान, सॉरी पापा मैं अपना सपना पूरा नहीं कर सकी कहकर प्राण त्याग देने वाली भूमिका के पापा के सपने भी बेटी के साथ खत्म हो गए। वह बेटी को डॉक्टर बनाना चाहते थे।

पुलिस के मुताबिक जनता कॉलोनी निवासी स्वास्थ्य विभाग कर्मी मुकेश कुमार की बेटी भूमिका शर्मा शहर के एक निजी स्कूल में 12वीं में पढ़ती थी। हरियाणा बोर्ड की छात्रा भूमिका ने सोमवार को रसायन विज्ञान की परीक्षा दी थी। उसके सभी पेपर अच्छे हुए थे लेकिन रसायन विज्ञान का पेपर खराब हो गया। इससे वह तनाव में थी और घर आकर चुपचाप अपने कमरे में चली गई। मंगलवार जब पिता ड्यूटी पर चले गए तो उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया।
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पता चलने पर परिजनों ने पिता मुकेश को सूचना दी जो भूमिका को पीजीआई ले गए। उपचार के दौरान कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। लाड़ली बेटी की मौत के साथ ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया। मुकेश शर्मा को तीन बेटी और एक बेटा है। शिवाजी कॉलोनी थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह का कहना है कि फिलहाल मामले में इत्तफाकिया कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया है।

उधर यमुनानगर के हरबंसपुरा निवासी रामजी यादव की 15 वर्षीय बेटी नौवीं की छात्रा शिवानी ने तीन दिन पहले साइंस का पेपर दिया था। रामजी के अनुसार बेटी ने घर आकर बताया था कि उसका पेपर ठीक नहीं हुआ है। हालांकि वह हमेशा क्लास में अव्वल आती थी। मंगलवार सुबह रामजी काम पर चले गए। नौ साल का बेटा लाजपत नगर में अपने मामा के घर चला गया। घर में बेटी और पत्नी अकेली थी। बेटी पिछले कमरे बैठ कर पढ़ाई कर रही थी।

करीब 11 बजे पत्नी घर का काम खत्म करके उसके पास ही आकर लेट गई और आंख लग गई। कुछ देर बाद नींद खुली तो शिवानी कमरे में नहीं थी। बाहर निकल कर देखा तो वह बाहर वाले कमरे की खिड़की के साथ गले में चुन्नी बांध कर लटकी हुई थी। शोर मचने पर इकट्ठा हुए लोगों ने फर्कपुर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया। थाना फर्कपुर के एएसआई राकेश कुमार ने बताया कि रामजी यादव के बयान पर सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई की गई है।

परीक्षा के दौरान बच्चे से संवाद बना कर रखें
मनोरोग विशेषज्ञ डा. दिव्य मंगला कहते हैं कि परीक्षा के दौरान बच्चे तनाव में आ जाते हैं। कई बार बच्चे खुद भी अपने ऊपर दबाव बना लेते हैं। उन पर माता-पिता व टीचर्स का दबाव भी रहता है। वे एग्जाम को ही सब कुछ समझ लेते हैं। उम्मीद के अनुरूप पेपर न होने पर अवसाद में आ सकते हैं। ऐसे में आवेश में आकर आत्महत्या जैसे नासमझी भरे कदम भी उठा लेते हैं। इसे मानसिक आपातकालीन स्थिति कहते हैं।

बच्चों पर नजर रखनी चाहिए और उनसे लगातार बातचीत करते रहना चाहिए। बच्चे में बेचैनी, मानसिक तनाव या परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें तो सतर्क हो जाना चाहिए। जरूरत पड़े तो मनो विशेषज्ञ से भी मिलना चाहिए।
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