परिवार वालों ने बच्चे की काफी समय तक पड़ताल की लेकिन ढूंढने के बावजूद भी वह नहीं मिला। इसके बाद परिवारिक सदस्य इकट्ठा होकर मुकेश के साथ रहने वाली महिला के पास पहुंचे और उससे सख्ती से पूछा तो उसने पहले कुछ पता होने से इंकार कर दिया था। परिवार ने इसकी शिकायत पुलिस के पास की।
इसी दौरान परिवार को फोन भी आ गया और दो लाख रुपये फिरौती मांगी गई। इसके बाद परिवार ने सारी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने उक्त महिला की निशानदेही पर दोनों को काबू किया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने दो लाख रुपये फिरौती मांगी थी लेकिन परिवार ने पुलिस में शिकायत कर दी। इस कारण उन्होंने बच्चे को मारकर नहर में फेंक दिया।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
एडीसीपी 4 आईपीएस अधिकारी तुषार गुप्ता ने बताया कि अभी तक बच्चे के शव का पता नहीं चल पाया है। आरोपियों ने फिरौती के लिए ही बच्चे को अगवा किया था।
दस साल के बच्चे को अगवा कर उसे मौत के घाट उतार दिया और उसका शव चंडीगढ़ रोड समराला के पास स्थित नीलो नहर में फेंक दिया। आरोपियों ने बच्चे को इसलिए मौत के घाट उतार दिया कि उसके परिवार से दो लाख रुपये फिरौती मांगी थी और वह देने के बजाय पुलिस के पास चले गए। मृतक बच्चे की पहचान अमृतक कुमार के रुप में हुई है।
पुलिस ने अमृत के पिता अमनिंदर की शिकायत पर मुकेश कुमार और विकास के खिलाफ अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनकी निशानदेही पर बच्चे के शव का पता लगाया जा रहा है। इस मामले की जांच खुद ज्वाइंट सीपी रवचरण सिंह बराड़ और उनके साथ एडीसीपी तुषार गुप्ता कर रहे है।