चंडीगढ़ में लोन एप के जरिए लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करने और रुपये ऐंठने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह ने दो साल में हवाला के जरिए 100 करोड़ रुपये चीन भेजे हैं। यह खुलासा आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में किया है। यह भी पता चला है कि लोगों से ठगे गए रुपयों को भारतीय कंपनियों में भी लगाया गया है। पुलिस अब इसकी भी जांच कर रही है। चंडीगढ़ पुलिस प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भी मामले की जांच के लिए पत्र लिखेगी।
मास्टरमाइंड वान चेंघुआ (34), नोएडा के सेक्टर-49 निवासी अंशुल कुमार (25), रांची (झारखंड) निवासी परवाज आलम उर्फ सोनू भडाना (32), अर्जुन और राजीव का रिमांड खत्म होने पर पुलिस सभी को शुक्रवार को अदालत में पेश करेगी। एसपी केतन बंसल ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के लिए अदालत से रिमांड बढ़ाने की मांग की जाएगी। परवाज इस गिरोह को चला रहा था जबकि राजस्थान के अलवर निवासी अर्जुन सैनी और उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निवासी राजीव टीम लीडर के तौर पर काम कर रहे थे।
अब तक आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि आरोपी ब्लैकमेलिंग और ठगी के लिए छह लोन एप का इस्तेमाल करते थे। इसके अलावा भी कई फर्जी लोन एप हैं, जो चीन में बनाए गए हैं। वान चेंघुआ का दोस्त चीन में बैठकर इन एप को तैयार करता था। एसपी ने बताया कि चीन में बैठा एक व्यक्ति अंशुल को पैसों को इधर से उधर पहुंचाने का निर्देश देता था। चीन में रहने वाला ठग दो साल पहले भारत में ही था।
पूछताछ में पता चला है कि आरोपी अंशुल ने हवाला के जरिए लगभग 100 करोड़ रुपये चीन भेजे हैं। चीन में बैैठ एक शातिर उसे रुपयों को इधर से उधर पहुंचाने का निर्देश देता था। पांच आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश कर रिमांड बढ़ाने की मांग करेंगे। - केतन बंसल, एसपी, साइबर क्राइम थाना