50 हजार रुपये में समझौता करवाने पर अड़ी रही पुलिस
नाजिम खान का आरोप है कि घटना के बाद वह औद्योगिक क्षेत्र स्थित थाने में शिकायत दर्ज करवाने पहुंचा, लेकिन पुलिसकर्मी उसकी बात सुनने को राजी नहीं थे। उसे यह कहकर वापस भेज देते कि गलती उसके भाई की है, वह तेज रफ्तार में था। 50 हजार रुपये लेकर मामले को रफा-दफा करने का दबाव बनाकर कहते, अब मामले में कुछ नहीं हो सकता।
कई बार थाने में चक्कर काट कार्रवाई न होते देखकर उसने क्षेत्रीय डीएसपी गुरमुख सिंह के दफ्तर में गुहार लगाई, लेकिन कोई इंसाफ नहीं मिला। इसके बाद वह एसपी सिटी विनीत कुमार के पास पहुंचा। वहां मामला दर्ज करने का आश्वासन तो दिया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
आरोप है कि बाद में वह एसएसपी कुलदीप सिंह चहल, डीआईजी ओमवीर सिंह समेत डीजीपी संजय बेनीवाल से भी मिला, लेकिन कहीं से न्याय नहीं मिला। थक-हारकर उसने पीएमओ को चिट्ठी लिखी और इंसाफ की गुहार लगाई। बीते सोमवार को उनके पास एक फोन आया। इसके बाद एसएसपी के पास दोबारा पहुंचे तो आरोपी कार चालक ललित कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। आरोपी सेक्टर-17 स्थित एक बैंक में काम करता है।
शादी की चल रही थी बात, अब टूट गई
नाजिम ने बताया कि आजम खान तीन भाइयों में सबसे छोटा है। वह सेक्टर-27 में बैनर बोर्ड का काम करता था, लेकिन हादसे के बाद से उसकी कमाई बंद हो गई, उन्होंने बताया कि दो भाइयों की शादी हो चुकी है। आजम की शादी के लिए बात चल रही थी, लेकिन हादसे की वजह से वह रिश्ता टूट गया। अब आजम अगले एक साल तक अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सकता है, क्योंकि उसके पैर की हड्डी काटकर उसमें रॉड जोड़ी गई है। नाजिम ने कहा कि अगर उसका भाई तेज रफ्तार में बाइक चला रहा था तो पुलिस उसका भी चालान काटती, लेकिन जब चालक कार को गलत दिशा में चला रहा था, तो सारी गलती चालक की थी।
घटनास्थल के पास सड़क पर काम चल रहा था। रूट में बदलाव के चलते कार गलत दिशा से जा रही थी। मामले की जांच पूरी करने के बाद अब कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। -गुरमुख सिंह, डीएसपी ईस्ट