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चंडीगढ़: आतंकी गतिविधियों में फंसाने की धमकी देकर करते थे धन उगाही, सीबीआई के चार इंस्पेक्टर बर्खास्त

Thu, 12 May 2022 05:12 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

दस मई को ओशियन ग्लोबल सॉल्यूशन कंपनी के पार्टनर अभिषेक डोगरा ने शिकायत दी कि मंगलवार रात ढाई बजे चारों आरोपी उनके दफ्तर में घुसे और कहा कि वे सीबीआई से हैं। आरोपियों ने कहा, उन्हें पता चला है कि अभिषेक के आतंकवादियों से संबंध हैं। वे आतंकियों को फंडिंग भी करते हैं। कंपनी की तलाशी लेनी है। इस दौरान आरोपियों ने अभिषेक व दूसरे कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की।
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सीबीआई - फोटो : फाइल
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विस्तार
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आईटी कंपनी के कारोबारी को आतंकी गतिविधियों में फंसाने की धमकी देकर 25 लाख रुपये की फिरौती मांगने, धमकाने और उनके अपहरण के आरोप में सीबीआई ने गुरुवार को अपने चारों सब इंस्पेक्टरों को गिरफ्तार कर बर्खास्त कर दिया। चारों के खिलाफ फिरौती व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपियों को दो दिन के सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। 

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सीबीआई प्रवक्ता आर जोशी ने बताया कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलेरेंस की नीति के तहत सीबीआई निदेशक सुबोध कुमार जायसवाल के निर्देश पर की गई। बर्खास्त किए गए सुमित गुप्ता, प्रदीप राणा, अंकुर कुमार और अक्षत अहलावत सीबीआई की दिल्ली इकाई में बतौर सब इंस्पेक्टर तैनात थे। 

सीबीआई के मुताबिक दस मई को ओशियन ग्लोबल सॉल्यूशन कंपनी के पार्टनर अभिषेक डोगरा ने शिकायत दी कि मंगलवार रात ढाई बजे चारों आरोपी उनके दफ्तर में घुसे और कहा कि वे सीबीआई से हैं। आरोपियों ने कहा, उन्हें पता चला है कि अभिषेक के आतंकवादियों से संबंध हैं। वे आतंकियों को फंडिंग भी करते हैं। कंपनी की तलाशी लेनी है। इस दौरान आरोपियों ने अभिषेक व दूसरे कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की। इसके बाद चारों ने अभिषेक को जबरन गाड़ी में बैठाया और सीबीआई दफ्तर में चलने को कहा। रास्ते में कार का टायर पंचर हो गया।
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इसी बीच अभिषेक ने अपने पार्टनर सन्नी वर्मा को फोन कर अपहरण की बात बताई। अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखते दो आरोपी जंगल की ओर भाग गए, जबकि सुमित गुप्ता और प्रदीप राणा को पुलिस ने दबोच लिया। इसके बाद उन्हें सेक्टर-26 थाना ले जाया गया गई और मामले की जानकारी चंडीगढ़ सीबीआई को दी। बुधवार सुबह सीबीआई सेक्टर-26 पहुंची और दोनों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर सीबीआई ने दो अन्य आरोपी अंकुर कुमार और अक्षत अहलावत को भी पूछताछ के लिए बुलाया। इसके बाद सीबीआई ने चारों को गिरफ्तार कर लिया।

अभिषेक से कहा-लुधियाना चलकर पैसों का इंतजाम कर लो

आईटी पार्क स्थित एयरटेल दफ्तर के पास आरोपियों ने गाड़ी रुकवाकर अभिषेक से कहा कि वह लुधियाना अपने घर चले और 25 लाख का इंतजाम कर दे। अभिषेक ने अपने भाई को फोन कर कहा कि जल्दी 25 लाख रुपये की इंतजाम कर लो सीबीआई वाले उसे अपने दफ्तर ले जा रहे हैं। सुमित ने अभिषेक से कहा कि उसके पास रुपयों का इंतजाम करने का बुधवार सुबह 10 से 11 बजे तक का समय है।  

जज बोले- बिना बल प्रयोग करें पूछताछ

गिरफ्तारी के बाद दिल्ली सीबीआई के चारों सब इंस्पेक्टरों को चंडीगढ़ सीबीआई ने गुरुवार को सीबीआई के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया। चारों के खिलाफ चारों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 323, 352, 365, 388 और 506 के तहत केस दर्ज किया गया है। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने जांच एजेंसी को बिना बल प्रयोग चारों से पूछताछ की जाए। चारों को रिमांड पर लेने से पहले और बाद में पेश करते समय सीबीआई को मेडिकल रिपोर्ट देने को कहा गया है।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील सुनील नारंग ने दलील देते हुए कहा कि इस मामले में आरोपियों को फंसाया जा रहा है। इस मामले की जांच पुलिस को करनी चाहिए। सीबीआई को हस्तक्षेप करने का अधिकार तब तक नहीं है, जब तक इस मामले को उन्हें आधिकारिक तौर पर सौंपा न जाए। वहीं, सरकारी वकील नरिंदर सिंह ने इन दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इन चार लोगों के अलावा दो और लोग इस मामले में शामिल हैं। आरोपियों की मंशा और मामले में लिप्त अन्य लोगों की जानकारी रिमांड के दौरान ही मिल सकती है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सीबीआई को आरोपियों का दो दिन का रिमांड दे दिया।

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