आईटी कंपनी के कारोबारी को आतंकी गतिविधियों में फंसाने की धमकी देकर 25 लाख रुपये की फिरौती मांगने, धमकाने और उनके अपहरण के आरोप में सीबीआई ने गुरुवार को अपने चारों सब इंस्पेक्टरों को गिरफ्तार कर बर्खास्त कर दिया। चारों के खिलाफ फिरौती व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपियों को दो दिन के सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है।
आईटी पार्क स्थित एयरटेल दफ्तर के पास आरोपियों ने गाड़ी रुकवाकर अभिषेक से कहा कि वह लुधियाना अपने घर चले और 25 लाख का इंतजाम कर दे। अभिषेक ने अपने भाई को फोन कर कहा कि जल्दी 25 लाख रुपये की इंतजाम कर लो सीबीआई वाले उसे अपने दफ्तर ले जा रहे हैं। सुमित ने अभिषेक से कहा कि उसके पास रुपयों का इंतजाम करने का बुधवार सुबह 10 से 11 बजे तक का समय है।
गिरफ्तारी के बाद दिल्ली सीबीआई के चारों सब इंस्पेक्टरों को चंडीगढ़ सीबीआई ने गुरुवार को सीबीआई के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया। चारों के खिलाफ चारों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 323, 352, 365, 388 और 506 के तहत केस दर्ज किया गया है। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने जांच एजेंसी को बिना बल प्रयोग चारों से पूछताछ की जाए। चारों को रिमांड पर लेने से पहले और बाद में पेश करते समय सीबीआई को मेडिकल रिपोर्ट देने को कहा गया है।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील सुनील नारंग ने दलील देते हुए कहा कि इस मामले में आरोपियों को फंसाया जा रहा है। इस मामले की जांच पुलिस को करनी चाहिए। सीबीआई को हस्तक्षेप करने का अधिकार तब तक नहीं है, जब तक इस मामले को उन्हें आधिकारिक तौर पर सौंपा न जाए। वहीं, सरकारी वकील नरिंदर सिंह ने इन दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इन चार लोगों के अलावा दो और लोग इस मामले में शामिल हैं। आरोपियों की मंशा और मामले में लिप्त अन्य लोगों की जानकारी रिमांड के दौरान ही मिल सकती है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सीबीआई को आरोपियों का दो दिन का रिमांड दे दिया।