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Haryana: सामूहिक दुष्कर्म मामले का आरोपी व्यवसायी हरियाणा से पकड़ा गया, अंडमान-निकोबार पुलिस ने किया गिरफ्तार

Mon, 14 Nov 2022 03:25 PM IST
निवेदिता वर्मा पीटीआई, चंडीगढ़

सार

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 21 वर्षीय महिला को सरकारी नौकरी का झांसा देकर मुख्य सचिव के घर ले जाने और फिर वहां सामूहिक दुष्कर्म करने के आरोपों की जांच के लिए पुलिस की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था।
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Arrest demo - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अंडमान और निकोबार पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म के एक मामले में पोर्ट ब्लेयर के एक व्यवसायी को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक लाख का इनाम था।  फरार चल रहे संदीप सिंह उर्फ रिंकू को रविवार रात मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।

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पुलिस ने बताया कि पुलिस को हरियाणा में हुए बैंक लेन-देन के माध्यम से संदीप के बारे में सूचना मिली। इसके बाद अंडमान और निकोबार पुलिस ने अपने हरियाणा और दिल्ली समकक्षों को सतर्क किया और उसे गिरफ्तार करने में कामयाब रहे। पुलिस ने आरोपी को कहां से पकड़ा, इस बारे में जानकारी नहीं दी गई है। 

अंडमान और निकोबार पुलिस ने 2 नवंबर को 21 वर्षीय महिला से दुष्कर्म के सिलसिले में संदीप सिंह उर्फ रिंकू और श्रम आयुक्त आर एल ऋषि पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। अंडमान के पूर्व मुख्य सचिव जितेंद्र नारायण की भी इसमें संलिप्तता है।  
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अब तक इस मामले में दो आरोपी व्यक्तियों नारायण और सिंह को गिरफ्तार किया गया है, जबकि ऋषि अभी फरार है। सिंह को आगे की जांच के लिए पोर्ट ब्लेयर लाया जाएगा। आरोपों की जांच के लिए पुलिस की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 21 वर्षीय महिला को सरकारी नौकरी का झांसा देकर मुख्य सचिव के घर ले जाने और फिर वहां नारायण सहित शीर्ष अधिकारियों द्वारा दुष्कर्म करने के आरोपों की जांच के लिए पुलिस की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था।

ऋषि पर भी महिला के साथ दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था, जबकि व्यवसायी रिंकू को प्राथमिकी में अपराध में सहयोगी के रूप में नामित किया गया था। मामले में एफआईआर एक अक्तूबर को दर्ज की गई थी जब नारायण दिल्ली वित्तीय निगम के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में तैनात थे। सरकार ने उन्हें 17 अक्तूबर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।

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