पत्नी के बारे में गलत बोलने पर युवक ने अपनी बहन को दी खौफनाक सजा। महिला को काफी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। मामला, पंजाब के जालंधर से जुड़ा है।
पुलिस ने करीब डेढ़ साल पहले बचिंत नगर हत्याकांड का खुलासा कर मृतक महिला के धर्म भाई को ही गिरफ्तार कर लिया। उधार दिए 10 हजार रुपये वापस मांगते समय महिला ने आरोपी की निशक्त पत्नी पर टिप्पणी की थी, जिस पर आरोपी ने उसका बेरहमी से कत्ल कर दिया था। जालंधर डिवीजन नंबर आठ के एसएचओ नरेश जोशी और उनकी टीम ने आरोपी को लुधियाना से काबू कर लिया।
एडीसीपी सिटी परमजीत सिंह, एसीपी नार्थ आईपीएस अधिकारी अमनीत कौंडल ने बताया कि 23 अगस्त 2013 को बचिंत नगर इलाके में गुरजीत कौर का कत्ल कर दिया गया था। गुरजीत कौर के हाथों में बाल बरामद हुए थे, जिससे साफ था कि हत्या से पहले गुरजीत कौर ने काफी संघर्ष किया था।
हत्याकांड की जांच थाना आठ के एसएचओ नरेश जोशी कर रहे थे। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि इस हत्याकांड में नरेश कुमार डिंपी का हाथ है, जो इन दिनों लुधियाना में किसी फैक्टरी में काम कर रहा है। पुलिस टीम ने लुधियाना में छापेमारी कर नरेश को काबू कर लिया। नरेश कुमार ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल लिया।
एसीपी कौंडल के मुताबिक नरेश कुमार ने बताया कि उसने गुरजीत कौर को धर्म की बहन बना रखा था। गुरजीत का बेटा उसके पास जालंधर में ही ऑटो इलेक्ट्रिशियन का काम सीखता था। गुरजीत कौर से उसने दस हजार रुपये उधार ले रखे थे। वह अकसर पैसों की मांग करती थी लेकिन वह टालमटोल करता रहता था। नरेश कुमार ने बताया कि उसने एक निशक्त महिला से शादी की थी। एक बार गुरजीत कौर ने उससे दस हजार रुपये की मांग की तो दोनों में तकरार हो गई।
हथौड़ा मारकर कत्ल कर गला रेता
इस दौरान गुरजीत कौर ने नरेश की पत्नी के बारे में कुछ ऐसी बातें बोली, जिससे नरेश को बेइज्जती महसूस हुई। इसके बाद नरेश ने गुरजीत से बदला लेने की ठान ली थी। 23 अगस्त को वह गुरजीत कौर के घर पहुंचा। वह घर में अकेली थी। उसने गुरजीत को हथौड़ा मारकर उसका कत्ल कर दिया और बाद में गला रेत दिया। इस दौरान नरेश के साथ गुरजीत की हाथापाई हुई और नरेश के सिर के बाल गुरजीत की मुट्ठी में आ गए।
केस में लापरवाही बरती गई है, जांच होगी
एडीसीपी सिटी परमजीत सिंह व एसीपी नार्थ अमनीत कौंडल ने बताया कि केस को सुलझाने में डेढ़ साल का लंबा वक्त लगा, पुलिस ने केस की जांच में पचास लोगों को शामिल किया लेकिन नरेश डरकर शहर से निकल गया था। नरेश मूल रूप से करनाल का रहने वाला था, बाद में वह लुधियाना शिफ्ट हो गया। कत्ल के बाद उसकी तरफ जांच केंद्रित होनी चाहिए थी लेकिन उसकी तरफ जांच अधिकारी का ध्यान नहीं गया, जो एक कोताही है। 2013 में केस की जांच इंस्पेक्टर केवल किशन ने की थी, अब अधिकारी उसी इंस्पेक्टर को जांच के दायरे में लाएंगे कि उसने केस में जांच ठीक ढंग से क्यों नहीं की।
सिर के बालों का डीएनए टेस्ट होगा: कौंडल
आईपीएस अधिकारी अमनीत कौंडल के मुताबिक पुलिस ने गुरजीत कौर की मुट्ठी से नरेश के सिर के बाल बरामद किए थे, जिनको जांच के लिए लैब भेजा गया है। अब नरेश गिरफ्तार हो गया है और उसका डीएनए टेस्ट करवाया जाएगा। जिससे आरोपी को सजा दिलाने के लिए मजबूत साइंटिफिक गवाह मिलेगा।