वह अपने पिता की जगह पर पुलिस में भर्ती होना चाहती थी, लेकिन उसका भाई और बहन उसे धमकाते थे कि वह उसको पुलिस में भर्ती नहीं होने देंगे। वे उससे पैसे मांगते थे। मृतका ने सुसाइड नोट में लिखा कि एक बार तो उसने अपने भाई और बहन को रुपये देकर उनसे हलफनामा ले लिया कि वह उसकी पुलिस में भर्ती होने में बाधा नहीं डालेंगे। पैसे लेने के बावजूद वह मुकर गए।
दोनों की ब्लैकमेलिंग से तंग आकर जान दे रही है। सुसाइड नोट में उसने उसके पिता जगतार सिंह की जगह उसके छोटे भाई मनजीत सिंह को नौकरी दी जाए और उसकी मां की देखभाल भी उसका छोटा भाई ही करे। मृतका ने सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि मां मैंने तेरा सहारा बनने का वादा किया था, लेकिन इन लोगों ने मुझे मरने के लिए मजबूर कर दिया।
इसलिए मुझे माफ करना कि मैं तेरे को छोड़कर जा रही हूं। अब इस सुसाइड नोट के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एसपीडी सुखदेव सिंह विर्क ने कहा कि लड़की को मरने के लिए मजबूर करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।