उनकी पहचान थाने में एक शिकायत के दौरान हुई जो धीरे-धीरे बढ़ गई। अब निर्मल कौर उससे शादी करने को तैयार थी तो उसकी पांच वर्षीय बेटी रास्ते की रुकावट बनने लगी। दोनों ने उसे अधिक मात्रा में दवाई का सेवन करवा दिया। इसके बाद उसे चब्बेवाल के एक अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद बिना किसी को बताए निर्मल कौर ने अपने प्रेमी और पिता के साथ मिलकर गुरलीन के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
किसी को शक न हो हरप्रीत ने शादी का झांसा देकर प्रेमिका निर्मल कौर के मकान को अपनी मौसी सर्बजीत के नाम करवा दिया। इसके बाद आरोपी वारदात को गांव में आया। अन्य चारों घर के आसपास रुककर मकान की निगरानी करने लगे। जबकि हरप्रीत सिंह उर्फ गोल्डी ने घर में घुस तकिए से निमर्ल कौर का गला घोंटकर हत्या कर दी और वहां से चले गए।
आरोपी हरप्रीत ने घटना को अंजाम देने से पहले निमर्ल कौर को भी अधिक मात्रा में किसी दवा का सेवन करवा दिया था। उन्होंने बताया कि प्रकरण के पांच आरोपी गिरफ्तार किए हैं, जबकि एक आरोपी कर्मजीत सिंह अभी फरार है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल कर लिया है।