हुडा सेक्टर-17 के एक निजी अस्पताल में भर्ती किशोर ने कर्मचारी पर उसके साथ कुकर्म के प्रयास का आरोप लगाया। गुस्साए युवक के परिजनों ने शनिवार सुबह अस्पताल में दो घंटे जमकर हंगामा किया।
पीड़ित युवक के परिवार के सदस्यों ने अस्पताल के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। इस दौरान संबंधित अस्पताल चिकित्सक ने अपने केबिन का दरवाजा बंद कर लिया और परिजन बाहर से दरवाजा पीटते रहे। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कर मामले की जांच शुरू कर दी। उधर, अस्पताल प्रशासन ने उन पर लगाए आरोपों को निराधार बताया।
अस्पताल में भर्ती किशोर ने बताया कि उसे कुछ दिन से सिर में दर्द और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। परिजन उसे हुडा सेक्टर-17 के निजी अस्पताल में ले आए, जहां उसे दवा देने के बजाय भर्ती होने का कहा। परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती करवा दिया।
आरोप है कि शुक्रवार रात अस्पताल का एक कर्मी उसे शौचालय में ले गया और उसके साथ कुकर्म का प्रयास किया। किशोर ने शोर मचाया तब आरोपी उसे वार्ड में लेकर आ गया। किशोर ने कहा कि वार्ड में भी कर्मचारी ने उससे अश्लील हरकतें कीं।
शनिवार सुबह अस्पताल में उससे मिलने परिजन आए, तो उसने उन्हें आपबीती बताई। परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल में हंगामा किया। अस्पताल के चिकित्सक ने अपने केबिन का दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद परिजन कुछ देर बाहर खड़े होकर ही दरवाजा पीटते रहे। बाद में अस्पताल परिसर में नारेबाजी शुरू कर दी।
डॉ. योगेश जिंदल, अस्पताल संचालक ने कहा, आरोप निराधार हैं। इस प्रकार की कोई घटना अस्पताल में नहीं हुई। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसके साथ ही पुलिस को भी शिकायत दी गई। पुलिस मामले में जांच कर रही है। जांच के बाद पूरी सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।