शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि रोजाना शाम को 5.30 बजे बैंक बंद होने के बाद बूथ में लगा एटीएम खुला रहता है। बैंक अधिकारियों के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 3 बजे एटीएम मशीन में करीब साढ़े सात लाख की रकम डाली गई थी। बुधवार रात तक एटीएम में कुल 7,64,500 बचे हुए थे, जिसे लेकर शातिर चोर फरार हो गया।
बैंककर्मी भी शक के दायरे में
बैंक अधिकारियों के अनुसार, एटीएम को केवल सिक्रेट ऑपरेशनल कोड से खोला जा सकता है। जिस तरह से आरोपी ने चंद मिनटों में बड़ी आसानी से वारदात को अंजाम दे डाला, उससे पुलिस को शक है कि आरोपी को पहले से ही एटीएम में कैश की मौजूदगी और सिक्रेट ऑपरेशनल कोड के बारे में जानकारी थी। ऐसे में पुलिस अब बैंक के अन्य कर्मचारियों सहित आसपास के लोगों से पूछताछ करने में जुटी हुई है।
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पुलिस अब इन पहलुओं पर जांच कर रही है कि कहीं इस चोरी की वारदात में कोई बैंक कर्मचारी शामिल तो नहीं है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ब्रांच मैनेजर प्रवीण अग्रवाल ने बताया कि सिक्रेट ऑपरेशनल कोड की जानकारी मैनेजर के अलावा बैंक के एक दूसरे अधिकारी को थी।
एटीएम पर शाम पांच बजे तक ही तैनात था सुरक्षाकर्मी
एटीएम पर शाम पांच बजे तक ही सुरक्षाकर्मी की तैनाती रहती है। पांच बजे के बाद एटीएम की सुरक्षा के लिए यहां कोई नहीं रहता। सुरक्षाकर्मी केदारनाथ ने बताया कि बुधवार को शाम पांच बजे ड्यूटी खत्म होने के बाद वह घर चला गया था।
किशनगढ़ स्थित पीएनबी में 20 दिन पहले हुई थी चोरी की कोशिश
बता दें कि इससे पहले भी किशनगढ़ में इसी इलाके में 30-31 मई की रात को दो नाबालिगों सहित चार लोगों ने पंजाब नेशनल बैंक और एटीएम में चोरी करने की कोशिश की थी लेकिन उनके पास सीक्रेट कोड न होने के कारण वह लोग एटीएम को तोड़ने में कामयाब नहीं हो सके थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें दो दिन बाद गिरफ्तार कर लिया था। दोनों आरोपी अभी बुडै़ल जेल में बंद हैं।